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Dehradun News : SSP देहरादून की रणनीति से बदला शहर, सड़क हादसों में आई 21% की कमी

By Rajat Sharma

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Dehradun News : देहरादून में सड़क सुरक्षा को लेकर दून पुलिस दिन-रात प्रयास कर रही है। पिछले साल की तुलना में इस साल सड़क दुर्घटनाओं में 21% की कमी आई है, जो पुलिस की सक्रियता और सख्ती का नतीजा है। यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई का दायरा बढ़ाया गया है, और पिछले डेढ़ साल में दो लाख से ज्यादा वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई की जा चुकी है।

फिर भी, कुछ लोग यातायात नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, जिसके चलते दुर्घटनाएं हो रही हैं। पुलिस न केवल सख्ती बरत रही है, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जागरूक भी कर रही है ताकि सड़क सुरक्षा के प्रति उनकी जिम्मेदारी बढ़े।

चेकिंग अभियान में तेजी, पर्यटकों से सहयोग की अपील

पर्यटक सीजन में देहरादून में बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की संख्या में भारी इजाफा होता है। ऐसे में दून पुलिस ने सभी अंतरराज्यीय चेकपोस्टों पर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया है। वाहन चालकों की जांच के लिए एल्कोमीटर का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर नकेल कसी जा सके।

पुलिस ने पर्यटकों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे इस कार्रवाई में सहयोग करें, क्योंकि यह उनकी और दूसरों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। खासकर पर्यटक सीजन में चेकपोस्टों पर दबाव बढ़ जाता है, लेकिन पुलिस की सख्ती का मकसद केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

दुर्घटनाओं के कारणों की जांच के लिए एसएसपी के निर्देश

जून माह में हुई सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी देहरादून ने सभी थाना प्रभारियों को दुर्घटनाओं के कारणों की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य दुर्घटनाओं की वजहों को समझकर भविष्य में इन्हें रोकने के लिए ठोस कदम उठाना है।

इसके साथ ही, सभी थानों को अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए प्रभावी उपाय करने को कहा गया है। पुलिस का मानना है कि सख्ती के साथ-साथ जागरूकता भी जरूरी है, ताकि लोग यातायात नियमों का पालन करें।

आंकड़ों में दिखा सुधार, फिर भी चुनौतियां बरकरार

वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में (मई तक) सड़क दुर्घटनाओं में 21% की कमी आई है। जहां 2024 में 217 दुर्घटनाएं हुई थीं, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 172 रह गई। मृतकों की संख्या 89 से घटकर 70 और घायलों की संख्या 173 से 126 हो गई, जो 27% की कमी दर्शाती है। यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।

उदाहरण के लिए, शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों में 381% की वृद्धि के साथ 2535 चालान किए गए। इसी तरह, बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई 102% बढ़ी, और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के मामलों में 923% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

नियम तोड़ने की आदत पर सवाल

पुलिस की सख्ती और जागरूकता अभियानों के बावजूद कुछ लोग यातायात नियमों को नजरअंदाज कर रहे हैं। ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट जंप करना, मोबाइल फोन का इस्तेमाल, और ट्रिपल राइडिंग जैसे उल्लंघन अब भी आम हैं। पिछले साल की तुलना में इन उल्लंघनों के खिलाफ कार्रवाई में भारी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन लोगों का लापरवाह रवैया दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बना हुआ है।

पुलिस ने 2024 में 1,44,844 चालान किए, जिनसे 15,15,77,446 रुपये का संयोजन शुल्क वसूला गया। वहीं, 2025 में मई तक 74,356 चालान किए गए, जिनसे 8,87,10,224 रुपये वसूले गए।

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