खुद को कहता था ‘किंग ऑफ उत्तराखण्ड’, ऋषिकेश पुलिस ने जग्गा समेत 3 गैंगस्टरों को किया गिरफ्तार
ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश और आसपास के इलाकों में जमीनी विवादों में टांग अड़ाकर रंगदारी वसूलने और लोगों को धमकाने वाले गिरोह पर देहरादून पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी चोट मारी है। खुद को ‘किंग ऑफ उत्तराखण्ड’ बताकर समानांतर सत्ता चलाने का दावा करने वाले गैंग लीडर जगजीत उर्फ जग्गा को पुलिस ने उसके दो सहयोगियों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून प्रमेंद्र सिंह डोभाल के सख्त निर्देशों के बाद ऋषिकेश कोतवाली में गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर यह कार्रवाई की गई है।
पुलिस टीम ने कार्रवाई के दौरान 39 वर्षीय गिरोह के सरगना जगजीत उर्फ जग्गा पुत्र हरविन्द्र सिंह (निवासी मायाकुण्ड, चन्द्रेश्वर मार्ग, ऋषिकेश) को दबोचा। इसके अलावा उसके दो एक्टिव मेंबर्स—20 साल के प्रणव उर्फ राघव बत्रा (निवासी सोमेश्वर नगर, ऋषिकेश) और 27 साल के दीपेश कुमार (निवासी कृष्णानगर कॉलोनी, आईडीपीएल, ऋषिकेश) को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले में नामजद चौथा आरोपी रवि गुप्ता (निवासी शिवाजी नगर, ऋषिकेश) फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
जांच के दौरान पुलिस को जग्गा के घर से एक अनोखी और चौंकाने वाली चीज मिली। आरोपी के घर से ‘KING OF उत्तराखण्ड’ लिखा हुआ एक लकड़ी का बोर्ड बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक, जग्गा इसी बोर्ड के सहारे स्थानीय लोगों और विवादित पक्षों के बीच अपना रौब जमाता था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और इस तरह के बोर्ड का इस्तेमाल करके वह इलाके में डर का माहौल तैयार करता था, ताकि कोई भी उसके खिलाफ मुंह खोलने की हिम्मत न कर सके।

ऋषिकेश पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि जग्गा और उसका गिरोह संगठित तरीके से अपराधों को अंजाम देता था। यह गिरोह मुख्य रूप से प्रॉपर्टी के झगड़ों और पारिवारिक विवादों में जबरन घुसता था। इसके बाद पीड़ितों को डरा-धमकाकर, घर में घुसकर मारपीट करके, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देकर अपनी बात मनवाता था। बात न मानने पर यह गैंग लोगों के निजी फोटो और वीडियो इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देकर उनसे मोटी रकम ऐंठता और ब्लैकमेल करता था।
जग्गा के खिलाफ पुलिस फाइलों में अपराध की एक लंबी सूची दर्ज है। वर्ष 2016 से लेकर 2026 के बीच इस गिरोह के खिलाफ ऋषिकेश थाने में कुल 11 संगीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इसमें आईटी एक्ट, आबकारी अधिनियम, पोक्सो एक्ट, बीएनएस की विभिन्न धाराओं और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामले शामिल हैं। बार-बार जेल जाने और जमानत पर बाहर आने के बावजूद जग्गा की आपराधिक गतिविधियां रुक नहीं रही थीं।
इलाके में गिरोह के बढ़ते खौफ को देखते हुए ऋषिकेश पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार कर सक्षम न्यायालय को भेजी थी। कोर्ट से हरी झंडी मिलते ही ऋषिकेश कोतवाली में मुकदमा संख्या 405/2026, धारा 2(ख)(i), 2(ख)(iii)/3 गैंगस्टर एक्ट दर्ज किया गया और तत्काल छापेमारी कर तीन आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया।
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में ऋषिकेश कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट, डोईवाला प्रभारी निरीक्षक (विवेचक) राकेश गुसाईं, वरिष्ठ उप निरीक्षक नवीन जोशी, उप निरीक्षक देवेंद्र पंवार, जगमोहन सिंह, विकसित पंवार, बिनेश कुमार, राजनारायण के साथ हेड कांस्टेबल संदीप राठी, राकेश पंवार और कांस्टेबल तेजपाल सिंह शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि ऋषिकेश में संगठित अपराध और रंगदारी मांगने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।






