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Uttarakhand Crime : शातिर चोर रवि खाती गिरफ्तार, दिल्ली-यूपी-उत्तराखंड में दर्ज हैं दर्जनों केस

By Rajat Sharma

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Raiwala News : रायवाला क्षेत्र में एक बंद घर में हुई सनसनीखेज चोरी की वारदात ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी थी, लेकिन देहरादून पुलिस ने अपनी तत्परता और कुशल रणनीति से इस मामले को सुलझा लिया। पुलिस ने इस चोरी के मास्टरमाइंड, शातिर अपराधी रवि खाती को धर दबोचा, जिसके कब्जे से चोरी की गई ज्वैलरी, नकदी और अन्य सामान बरामद किया गया।

इस घटना में पहले ही दो अन्य अभियुक्तों, मोहम्मद उस्मान और मोहम्मद जुनैद, को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। यह सफलता न केवल पुलिस की सजगता को दर्शाती है, बल्कि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा भी जगाती है।

कुछ दिन पहले, रायवाला के खैरीखुर्द निवासी विनय ने थाना रायवाला में शिकायत दर्ज की थी कि अज्ञात चोरों ने उनके घर का ताला तोड़कर कीमती आभूषण और अन्य सामान चुरा लिया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और मामला दर्ज किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अभियुक्तों को 8 मई 2025 को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में पता चला कि इस चोरी में उनका एक अन्य साथी, रवि खाती, भी शामिल था, जो घटना के बाद से फरार था।

रवि खाती की तलाश में पुलिस ने दिन-रात एक कर दिया। यह शातिर अपराधी अपनी लोकेशन बदल-बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था। स्थानीय मुखबिरों के नेटवर्क को सक्रिय करते हुए पुलिस ने हर संभावित ठिकाने पर छापेमारी की। आखिरकार, 10 मई 2025 को मुखबिर की सूचना पर रवि को निर्मल आई हॉस्पिटल के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से चोरी की गई ज्वैलरी (लगभग 70 हजार रुपये कीमत), 1500 रुपये नकद, एक बैंक पासबुक और चोरी में इस्तेमाल किया गया औजार बरामद हुआ।

रवि खाती का अपराधी इतिहास चौंकाने वाला है। उत्तराखंड, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ [1] खिलाफ डेढ़ दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं, जिनमें चोरी, डकैती और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं। यह गिरफ्तारी पुलिस की मेहनत और समर्पण का नतीजा है, जिसने न केवल इस मामले को सुलझाया, बल्कि एक खतरनाक अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचाया।

इस ऑपरेशन में शामिल पुलिस टीम, जिसमें उप-निरीक्षक विनय शर्मा, आदित्य सैनी, हेड कांस्टेबल चंद्रशेखर, कांस्टेबल संदीप सैनी, नंदकिशोर और एसओजी टीम के सदस्य शामिल थे, ने अपनी सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा से यह साबित कर दिया कि अपराधियों के लिए अब रायवाला में कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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