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पक्के मकान का इंतजार खत्म: देहरादून में पीएम आवास योजना के तहत फ्लैट संख्या आवंटित

By Rajat Sharma

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एमडीडीए ने धौलास योजना में डिजिटल लॉटरी से दिए आशियाने, 232 परिवारों को मिली पक्की छत, चेहरों पर झलकी खुशी

पक्के मकान का इंतजार खत्म: देहरादून में पीएम आवास योजना के तहत फ्लैट संख्या आवंटित

देहरादून। राजधानी के आईएसबीटी स्थित सिटी जंक्शन मॉल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 232 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के परिवारों का अपने पक्के घर का इंतजार खत्म हो गया। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने धौलास आवासीय योजना के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के पंजीकृत लाभार्थियों को पारदर्शी डिजिटल लॉटरी प्रक्रिया के जरिये भवन संख्या आवंटित कीं।

कंप्यूटरीकृत प्रणाली से संपन्न इस लॉटरी में अधिकारियों और आवेदकों की मौजूदगी के बीच एक-एक कर फ्लैट नंबर निकाले गए। एमडीडीए प्रशासन ने मानवीय संवेदनाओं का ख्याल रखते हुए विशेष प्राथमिकता दी। इसके तहत 4 दिव्यांगों और 2 वरिष्ठ नागरिकों को सीढ़ियां चढ़ने की असुविधा से बचाने के लिए सीधे भूतल पर ही फ्लैट आवंटित किए गए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मौके पर कहा कि राज्य सरकार ‘हर पात्र परिवार को अपना घर’ देने के संकल्प के साथ काम कर रही है।

जरूरतमंद वर्ग को सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन देना ही सरकारी प्राथमिकताओं के केंद्र में है। आने वाले दिनों में ऐसी और भी जनहितकारी योजनाएं धरातल पर उतारी जाएंगी ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सिर पर पक्की छत से वंचित न रहे।

धौलास में विकसित की जा रही यह परियोजना आधुनिक नागरिक सुविधाओं और सुनियोजित निर्माण तकनीक से लैस है। पूर्व में निर्माणदायी एजेंसी ब्रिज एंड रूफ को गति बढ़ाने का निर्देश दिया गया था, जिसके बाद प्रोजेक्ट के बुनियादी ढांचे और ईडब्ल्यूएस ब्लॉकों का काम तेजी से निपटाया गया। अब डिजिटल आवंटन के साथ ही लाभार्थियों को जल्द कब्जा सौंपने की प्रशासनिक तैयारी चल रही है।

कार्यक्रम में एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने स्पष्ट किया कि आवंटन की पूरी प्रक्रिया नियमों के कड़े दायरे में डिजिटल माध्यम से की गई है। किसी भी तरह के मानवीय हस्तक्षेप से परे यह प्रणाली पूरी तरह निष्पक्ष रही। उपस्थित लोगों ने तुरंत स्क्रीन पर अपनी अलॉटमेंट लिस्ट देखी, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मुहर लगी।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने जोर देकर कहा कि प्राधिकरण का ध्यान सिर्फ कंक्रीट के ढांचे खड़े करने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण परिवेश तैयार करना है। पूरी पारदर्शी लॉटरी के दौरान आवेदकों की आंखों में खुशी के आंसू और अपने घर की चाबी मिलने का संतोष साफ नजर आया।

राज्य सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना को गरीब कल्याण की मजबूत रीढ़ मानकर चल रही है। धौलास आवासीय योजना के जरिए 232 परिवारों को मिला नया ठिकाना इसी दूरगामी नीति और जन-कल्याणकारी सोच का परिणाम है।

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