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भोटेकोशी नदी की तबाही पर रोया उत्तराखंड, सीएम धामी ने नेपाल की मदद के लिए बढ़ाया हाथ

By Rajat Sharma

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नेपाल में भोटेकोशी का विकराल रूप : रसुवा में मलबे का सैलाब, सीएम धामी ने कहा- ‘पड़ोसी का दर्द हमारा अपना’

देहरादून। नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत सीमा से उफानी भोटेकोशी नदी में आई अचानक विनाशकारी बाढ़ और भारी जन-धन की क्षति पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने नेपाल में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में देवभूमि की जनता पूरी आत्मीयता के साथ अपने छिमेकी देश के साथ खड़ी है।

नेपाल के सीमावर्ती रसुवा क्षेत्र में नदी के मुहाने पर आई इस तबाही ने तटीय बसावटों और बुनियादी ढांचे को तहस-नहस कर दिया है। नेपाल सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रसुवा जिले को तीन महीने के लिए आपदा संकटग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है। वहीं कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए भारतीय श्रद्धालुओं सहित कई लोग इस आपदा के कारण प्रभावित हुए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति और प्रभावितों के सकुशल होने की ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और नेपाल के रिश्ते केवल दो भौगोलिक देशों के राजनीतिक सीमा संबंध भर नहीं हैं। यह एक साझा संस्कृति, सदियों पुरानी धार्मिक आस्था, सामाजिक सरोकारों और भावनात्मक आत्मीयता से बंधा हुआ अटूट बंधन है।

उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल की भौगोलिक स्थिति का उल्लेख करते हुए धामी ने कहा कि पिथौरागढ़ और चंपावत जैसे सीमावर्ती जिलों के नागरिकों का नेपाल के साथ सदियों पुराना ‘रोटी-बेटी’ का संबंध रहा है। इन इलाकों के परिवारों के बीच आपसी विवाह संबंध, व्यापारिक गतिविधियां और सांस्कृतिक आदान-प्रदान रोजाना की जिंदगी का अहम हिस्सा हैं। ऐसे में नेपाल के नागरिकों पर आया संकट उत्तराखंड के हर नागरिक के लिए अपने ही पारिवारिक सदस्य पर आए संकट के समान है।

हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशीलता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और नेपाल दोनों की भौगोलिक परिस्थितियां समान हैं, जो इन्हें प्राकृतिक आपदाओं के प्रति बेहद नाजुक बनाती हैं। बादल फटने, भूस्खलन और नदियों के अचानक उफान पर आने का जोखिम दोनों तरफ एक समान रहता है।

आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नेपाल में मौके पर सुरक्षा बल, स्वयंसेवक और स्थानीय नागरिक जिस मुस्तैदी से लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे हैं, वह प्रशंसनीय है। उत्तराखंड सरकार नेपाल में पल-पल बदलते हालात पर पैनी नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर तुरंत किसी भी प्रकार की राहत सामग्री या तकनीकी सहयोग भेजने के लिए पूरी तरह तत्पर है। सीमा पार सुरक्षा बल (एसएसबी) और राज्य आपदा प्रबंधन तंत्र को भी भारत-नेपाल सीमा पर अलर्ट रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नेपाल सरकार अपने प्रभावी नेतृत्व और प्रशासनिक तंत्र के दम पर इस त्रासदी से तेजी से उबरेगी तथा प्रभावित परिवारों को तुरंत पुनर्वास व राहत मुहैया कराई जाएगी।

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