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टिहरी में दर्दनाक हादसा: चंबा-कोटि मार्ग पर 300 फीट गहरी खाई में गिरी मैक्स, 8 की मौत

By Rajat Sharma

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चंबा-कोटी मार्ग पर मची चीख-पुकार, बेकाबू होकर खाई में समाई गाड़ी; डीएम-एसएसपी मौके पर

नई टिहरी (ब्यूरो)। उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया है। चंबा-कोटि कॉलोनी मार्ग पर नैल के पास यात्रियों से भरी एक मैक्स यूटिलिटी अनियंत्रित होकर करीब 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

खाई की गहराई अधिक होने के कारण वाहन के परखच्चे उड़ गए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस को सूचित किया गया। चीख-पुकार के बीच स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया, जिसके बाद प्रशासन की टीमें सक्रिय हुईं।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने बताया कि हादसे में 8 लोगों की जान जा चुकी है। दुर्घटना का शिकार हुआ वाहन ऋषिकेश से घनसाली की ओर जा रहा था। इसमें सवार सभी लोग घनसाली क्षेत्र के चांजी, ठेला और चकरेडा गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

यह सभी ग्रामीण हरिद्वार में एक अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद अपने घर लौट रहे थे। घर पहुंचने से चंद किलोमीटर पहले ही मौत ने उन्हें रास्ते में घेर लिया। हादसे की सूचना मिलते ही इन गांवों में मातम पसर गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

सूचना मिलते ही डायल 112, थाना चंबा पुलिस और SDRF की टीमें मौके पर पहुंच गईं। ढलान और गहरी खाई होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस और फायर सर्विस के जवान रस्सियों के सहारे खाई में उतरकर शवों और घायलों को बाहर निकालने की जद्दोजहद कर रहे हैं।

अब तक दो व्यक्तियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर खाई से बाहर निकाला गया है। घायलों में से एक की पहचान 30 वर्षीय उत्तम कुमार के रूप में हुई है, जिसे मामूली चोटें आई हैं। सभी घायलों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनके उपचार में जुटी है।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल और एसएसपी श्वेता चौबे खुद ग्राउंड जीरो पर मौजूद हैं। टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय भी घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखते हुए घायलों के इलाज में कोई कोताही न बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं।

पहाड़ी रास्तों पर तीखे मोड़ और तेज रफ्तार अक्सर जानलेवा साबित होती है। इस मार्ग पर पहले भी छोटे-बड़े हादसे होते रहे हैं, लेकिन यह घटना हाल के दिनों की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक है। फिलहाल पुलिस हादसे के सटीक कारणों की जांच कर रही है कि क्या यह तकनीकी खराबी थी या चालक की लापरवाही।

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