सितंबर के अंत में दिखा सर्दियों जैसा मौसम, मैदानों में झमाझम बारिश तो पहाड़ों में बिछी बर्फ की चादर
देहरादून : उत्तराखंड में मानसून की विदाई की घड़ी करीब आते ही मौसम के तेवरों ने पूरे प्रदेश को सांसत में डाल दिया है। शुक्रवार देर रात से शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का दौर शनिवार को भी लगातार जारी रहा, जिससे पर्वतीय इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग (IMD Weather Alert) ने देहरादून, टिहरी और पौड़ी गढ़वाल जिलों में अत्यंत भारी वर्षा की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि राज्य के अन्य सभी जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट घोषित किया गया है।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा और ऊंची चोटियों पर सीजन के पहले हिमपात को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा सुरक्षा कदम उठाया है। गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने रविवार को चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra) को अग्रिम आदेशों तक स्थगित करने का हुक्म जारी किया। बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम से लगे उच्च हिमालयी इलाकों में बर्फबारी के कारण तापमान में भारी गिरावट आई है, जिससे वहां ठंड का प्रकोप अचानक बढ़ गया है। इसी तरह कुमाऊं में भी सुरक्षा कारणों से प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां पूर्णागिरि धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं, जबकि आदि कैलास और ओम पर्वत यात्रा के लिए दिए जाने वाले इनर लाइन परमिट (Inner Line Permit) को 26 अक्टूबर तक के लिए रोक दिया गया है।
मूसलाधार बारिश की सबसे ज्यादा मार कुमाऊं मंडल पर पड़ी है, जहां बीते 24 घंटों में चंपावत जिले के बनबसा में रिकॉर्ड 130 मिलीमीटर और टनकपुर में 113 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, बागेश्वर और पिथौरागढ़ समेत कई हिस्सों में 50 मिमी से अधिक पानी बरसा है। लगातार हो रही बारिश से पारे में तेजी से गिरावट आई है, जहां पंतनगर में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 11 डिग्री और देहरादून में 6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।
पहाड़ों से मलबा और बोल्डर गिरने की वजह से कई जगह यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। उत्तरकाशी में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग दुर्बिल के पास भूस्खलन के कारण बाधित हुआ, जिसे खोलने के लिए जेसीबी और भारी मशीनरी लगाई गई है। बागेश्वर में कांडा-खाईखाल के समीप पहाड़ी दरकने से गरुड़-बागेश्वर मार्ग बंद हो गया और दोनों तरफ गाड़ियों का लंबा जाम लग गया। पिथौरागढ़ और चंपावत में भी दर्जनों ग्रामीण सड़कें बंद पड़ी हैं। मौसम विज्ञान केंद्र और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने चेतावनी दी है कि अगले 36 घंटे प्रदेश के लिए बेहद अहम हैं, क्योंकि इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कई स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने की आशंका है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे फिलहाल मौसम सामान्य होने तक अपनी यात्रा स्थगित रखें और राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की हिदायतों का पालन करें।






