काल बना कंटेनर : देहरादून में आई-20 कार के उड़े परखच्चे, मची अफरा-तफरी
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देहरादून मोहब्बेवाला चौक पर बेकाबू कंटेनर ने कार को लिया चपेट में
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मोहब्बेवाला चौक पर बड़ा हादसा: कंटेनर में घुसी आई-20 कार, बाल-बाल बचा 6 साल का मासूम
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के व्यस्त मोहब्बेवाला चौक पर उस वक्त बड़ा हादसा टल गया जब सहारनपुर से आ रही एक आई-20 कार अनियंत्रित होकर एक भारी कंटेनर ट्रक के नीचे जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और वह बुरी तरह फंस गई। इस गंभीर दुर्घटना में कार सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें पुलिस ने तुरंत कॉरोनेशन अस्पताल पहुंचाया। राहत की बात यह रही कि पुलिस और फायर कर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए कार में सवार महज छह साल के एक मासूम बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घटना बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे की है जब कोतवाली पटेलनगर को सूचना मिली कि मोहब्बेवाला चौक पर एक आई-20 कार और कंटेनर ट्रक के बीच भयानक भिड़ंत हो गई है। सूचना मिलते ही पटेलनगर थाना पुलिस और फायर स्टेशन की आपदा प्रबंधन टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और यातायात भी बाधित हो गया। पुलिस बल ने बिना वक्त गंवाए आपदा उपकरणों की मदद से गैस कटर और अन्य माध्यमों से कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। कार में सवार मिश्रेष कपूर (38 वर्ष), उनकी पत्नी निशा आनंद कपूर (38 वर्ष), मां किरण कपूर (63 वर्ष) और चालक नीरज गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल भेजा गया।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि कार में सवार तीन लोग एक ही परिवार के सदस्य थे जो उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से देहरादून आ रहे थे। पर्वतीय और मैदानी इलाकों के मिलन बिंदु होने के कारण देहरादून में प्रवेश करने वाले प्रमुख चौराहों जैसे मोहब्बेवाला पर भारी वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों और चालकों के अनुसार, इन प्रमुख चौराहों पर तेज रफ्तार और गलत दिशा से आने वाले भारी वाहन अक्सर बड़े हादसों की वजह बनते हैं। इस मामले में पुलिस अब यह जांच कर रही है कि टक्कर के वक्त कंटेनर और कार की गति क्या थी तथा दुर्घटना के लिए असल में कौन सा वाहन जिम्मेदार था।
कॉरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराए गए चारों घायलों का इलाज जारी है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, 6 साल के बच्चे को सुरक्षित बचाए जाने के बाद परिजनों और पुलिस ने राहत की सांस ली है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हाईवे और शहर के प्रवेश मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही और ओवरस्पीडिंग पर नकेल कसने के लिए चेकिंग अभियान को और तेज किया जाएगा। कानून के दायरे में रहते हुए दुर्घटना का शिकार बने वाहनों को क्रेन की मदद से हटवाकर यातायात को सुचारू रूप से बहाल कर दिया गया है और मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।






