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Aaj Ka Panchang : राहु काल से बचें, 2 अक्टूबर को ये समय न चूकें

By Rajat Sharma

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Aaj Ka Panchang 12 October 2025 : 12 अक्टूबर 2025 को कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि रहेगी, जो दोपहर 2:16 बजे तक चलेगी। इसके बाद सप्तमी का प्रभाव शुरू हो जाएगा। मृगशिरा नक्षत्र दोपहर 1:36 बजे तक बना रहेगा, और वरियान योग सुबह 10:55 बजे तक प्रभावी रहेगा। ये छोटी-छोटी बातें हैं जो हमारे पूर्वजों ने समय के साथ जोड़ी हैं, ताकि दिन को बेहतर तरीके से जीया जा सके। आइए, विस्तार से देखें कि इस रविवार का पंचांग क्या संकेत दे रहा है।

तिथि, नक्षत्र और योग 

पंचांग की नींव तिथि, नक्षत्र, योग और करण पर टिकी होती है। आज कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि प्रमुख रहेगी, जो दोपहर 2:16 बजे तक चलेगी। उसके बाद सप्तमी में प्रवेश होगा। नक्षत्र की बात करें तो मृगशिरा दोपहर 1:36 बजे तक रहेगा, जो वृषभ राशि में आता है। योग में वरियान सुबह 10:55 बजे तक रहेगा, उसके बाद परिग या अन्य योग का प्रभाव दिखेगा।

करण के लिहाज से वणिज दोपहर 2:16 बजे तक चलेगा, फिर विष्टि रात 1:15 बजे तक। ये संयोजन दिन को संतुलित बनाते हैं, खासकर अगर आप पूजा-पाठ या छोटे-मोटे काम निपटाने की सोच रहे हैं। विक्रम संवत 2082 कलयुक्त और शक संवत 1947 विश्वावसु के अनुसार, ये दिन कार्तिक मास (पूर्णिमांत) या आश्विन (अमांत) से जुड़ा है।

सूर्योदय से चंद्रोदय तक 

सुबह की शुरुआत सूर्योदय के साथ होती है, जो आज सुबह 6:20 बजे होगा। सूर्यास्त शाम 5:55 बजे पर होगा, यानी दिन की लंबाई करीब 11 घंटे 34 मिनट की रहेगी। रात का समय 12 घंटे 26 मिनट का होगा। चंद्रमा दोपहर 12:06 बजे अस्त होगा और रात 10:14 बजे उदय होगा। मध्याह्न 12:07 बजे आएगा, जो कई धार्मिक कार्यों के लिए केंद्र बिंदु माना जाता है।

ये समय न सिर्फ मौसम से जुड़े हैं, बल्कि हमारे दैनिक चक्र को भी प्रभावित करते हैं। अगर आप बाहर निकलने या काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो इन घड़ियों का ध्यान रखना फायदेमंद हो सकता है।

राहु काल और अशुभ मुहूर्त 

हर दिन में कुछ ऐसे समय आते हैं जब बड़े फैसले टालना ही बेहतर होता है। आज राहु काल शाम 4:28 बजे से 5:55 बजे तक रहेगा, यानी सूर्यास्त के ठीक पहले। यमगंड दोपहर 12:07 बजे से 1:34 बजे तक, और गुलिक काल दोपहर 3:01 बजे से 4:28 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त के दो हिस्से हैं – शाम 4:22 से 5:08 बजे और रात 9:36 से 11:07 बजे तक। भद्रा दोपहर 2:16 बजे से अगली रात 1:15 बजे तक चलेगी। ये अंतराल छोटे हैं, लेकिन इन्हें नजरअंदाज न करें, खासकर अगर कोई महत्वपूर्ण बातचीत या यात्रा हो।

शुभ मुहूर्त 

दूसरी तरफ, शुभ समय भी कम नहीं हैं। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:44 बजे से 12:30 बजे तक रहेगा, जो मध्याह्न संध्या से जुड़ता है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:41 से 5:30 बजे, प्रातः संध्या 5:06 से 6:20 बजे, विजय मुहूर्त दोपहर 2:03 से 2:49 बजे, गोधूलि मुहूर्त शाम 5:55 से 6:19 बजे, और सायाह्न संध्या 5:55 से 7:09 बजे तक।

रवि योग दोपहर 1:36 बजे से अगली सुबह 6:21 बजे तक, और आडल योग भी इसी दौरान। पंचक रहित मुहूर्त कई हिस्सों में बंटे हैं, जैसे सुबह 6:47 से 9:07 बजे तक। ये पल नई शुरुआत या सकारात्मक कदमों के लिए आदर्श हैं। आज कोई विशेष त्योहार नहीं है, लेकिन षष्ठी तिथि पर छोटी पूजाएं या परिवार के साथ समय बिताना अच्छा रहेगा।

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