उत्तरकाशी में बड़ा हादसा टला : 65 साल के श्रद्धालु का उफनती नदी के पास से हुआ सफल रेस्क्यू
उत्तरकाशी। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीती रात एक बड़ा हादसा टल गया, जहां मौत और जिंदगी के बीच जूझ रहे एक बुजुर्ग श्रद्धालु के लिए मनेरी पुलिस और SDRF की टीम रक्षक बनकर सामने आई।
गंगोरी के समीप गरमपानी इलाके में 65 वर्षीय एक यात्री अनियंत्रित होकर सड़क से सीधे भागीरथी नदी के पथरीले किनारे पर जा गिरा। 5 मई 2026 की देर रात हुई इस घटना के बाद पुलिस ने बेहद दुर्गम परिस्थितियों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर यात्री को सुरक्षित बाहर निकाला।
मध्य प्रदेश के हरदा निवासी श्रद्धालु श्री तुलसीराम गहलोत अपनी गाड़ी से उतरकर सड़क किनारे शौच के लिए गए थे। अंधेरा अधिक होने के कारण अचानक उनका पैर फिसल गया और वह संतुलन खोकर हाईवे से कई फीट नीचे सीधे भागीरथी नदी के तट पर जा गिरे। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोगों ने तत्काल इसकी सूचना प्रशासन को दी।
सूचना मिलते ही कोतवाली मनेरी के प्रभारी निरीक्षक दीपक नौटियाल अपनी टीम और SDRF के जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। रात का घना अंधेरा और नदी का शोर रेस्क्यू में बड़ी बाधा बन रहा था, लेकिन पुलिसकर्मियों ने बिना वक्त गंवाए रस्सियों और आधुनिक उपकरणों के सहारे गहरी ढलान से नीचे उतरना शुरू किया। जांबाज जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए नदी के ठीक मुहाने पर फंसे घायल तुलसीराम तक पहुंच बनाई।
कड़ी मशक्कत के बाद बुजुर्ग श्रद्धालु को स्ट्रेचर और रस्सियों के जरिए ऊपर सड़क तक लाया गया। मौके पर मौजूद 108 एम्बुलेंस के जरिए घायल को तुरंत प्राथमिक उपचार देते हुए जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार यात्री की हालत अब स्थिर है और उन्हें समय रहते मदद मिलने से गहरी चोटों के बावजूद उनकी जान बच गई।
श्रद्धालु और उनके साथ यात्रा कर रहे परिजनों ने उत्तराखंड पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता पर आभार जताया है। पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी, श्रीमती कमलेश उपाध्याय ने बताया कि चारधाम यात्रा को लेकर पुलिस ‘सेवा, सुरक्षा और संवेदनशीलता’ के संकल्प के साथ तैनात है। रेस्क्यू के बाद सभी यात्री अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए हैं।






