‘नारी शक्ति’ के मुद्दे पर आर-पार: परेड ग्राउंड से घंटाघर तक धामी की हुंकार
देहरादून (ब्यूरो)। राजधानी की सड़कों पर शुक्रवार को मातृशक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। परेड ग्राउंड से लेकर घंटाघर तक पैर रखने की जगह नहीं थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद हजारों महिलाओं के साथ जन आक्रोश पदयात्रा में शामिल हुए। मौका था ‘महिला जन आक्रोश रैली’ का, जहां सीएम का तेवर बेहद तल्ख नजर आया।
मुख्यमंत्री ने मंच से दहाड़ते हुए विपक्ष पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को लोकतांत्रिक अधिकार देने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ लाए थे। लेकिन लोकसभा में संख्या बल के फेर में इसे उलझा दिया गया। धामी ने दो टूक कहा कि विपक्ष ने षड्यंत्र रचकर आधी आबादी का हक छीना है। यह सिर्फ राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि देश की नारी शक्ति के खिलाफ किया गया ‘महापाप’ है।

ताजा राजनीतिक घटनाक्रम को देखें तो हाल ही में संसद में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 को लेकर भारी हंगामा हुआ है। 16 अप्रैल 2026 को पेश हुए परिसीमन से जुड़े इन विधेयकों पर विपक्ष के रुख को भाजपा अब सड़क पर ले आई है। देहरादून की इस रैली में धामी ने इसी राष्ट्रीय मुद्दे को स्थानीय भावनाओं से जोड़ दिया। उन्होंने साफ कहा कि अब देश की सजग नारी अन्याय के विरुद्ध खुद आवाज उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का कच्चा चिट्ठा भी जनता के सामने रखा। उन्होंने उज्ज्वला योजना से लेकर स्टार्टअप इंडिया तक का जिक्र किया। धामी ने कहा कि पीएम मोदी ने आदिवासी समाज की बेटी को देश के सर्वोच्च पद पर बिठाकर और निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्रालय सौंपकर असल सशक्तिकरण दिखाया है। तीन तलाक जैसी कुप्रथा का अंत करना इसी कड़ी का हिस्सा था।
सिर्फ केंद्र ही नहीं, सीएम ने राज्य सरकार की उपलब्धियों पर भी जोर दिया। उत्तराखंड सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण का कानूनी कवच दिया है। इसके अलावा समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर उनके अधिकारों की रक्षा की गई है। धामी ने राज्य की आर्थिक तरक्की का हवाला देते हुए बताया कि अब तक 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल मार्च तक यह आंकड़ा 2.55 लाख था, जिसमें अब और इजाफा हुआ है।

रैली में सियासी दिग्गजों का जमावड़ा रहा। राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट और टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह ने भी मातृशक्ति को संबोधित किया।विधायक सविता कपूर, आशा नौटियाल और नेहा जोशी समेत भाजपा की तमाम महिला नेत्री इस आक्रोश यात्रा का हिस्सा बनीं। पूरी पदयात्रा के दौरान विपक्ष विरोधी नारों से देहरादून गूंजता रहा।






