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देहरादून में किन्नरों की मनमानी पर लगाम: अब ₹5100 से ज्यादा मांगे तो नपेंगे!

By Rajat Sharma

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देहरादून में बधाई राशि का नया नियम लागू, मेयर बोले – अब नहीं चलेगी गुंडागर्दी

देहरादून : राजधानी के नगर निगम की चौथी बोर्ड बैठक में बुधवार को भारी बवाल के बीच जनता से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लग गई है। सदन ने शहर में किन्नरों द्वारा वसूली जाने वाली मनमानी ‘बधाई राशि’ की अधिकतम सीमा ₹5,100 तय कर दी है। यदि कोई भी किन्नर समूह इस तय राशि से अधिक की मांग करता है या जनता को परेशान करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने एक-दूसरे पर विकास कार्यों में बाधा डालने के आरोप लगाए। करीब 65 प्रस्तावों पर चर्चा होनी थी, लेकिन हंगामे के चलते केवल कुछ ही बिंदुओं पर आम सहमति बन पाई। पार्षदों का आरोप था कि नगर आयुक्त विकास कार्यों की सटीक जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं, जिससे वार्डों में काम ठप पड़े हैं।

किन्नरों की बधाई राशि का मुद्दा लंबे समय से शहर में चर्चा का विषय बना हुआ था। कई क्षेत्रों से शिकायतें आ रही थीं कि शुभ अवसरों पर किन्नर समाज के लोग हजारों रुपयों की अवैध मांग करते हैं। पिछली बोर्ड बैठक में भी यह प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन तब सहमति नहीं बन सकी थी। इस बार मेयर सौरभ थपलियाल ने सख्ती दिखाते हुए इसे अनुमोदित कर दिया। अब प्रशासन इस नियम को सख्ती से लागू करने की तैयारी में है।

बोर्ड बैठक में दूसरा सबसे बड़ा फैसला ‘पर्यावरण मित्रों’ यानी सफाई कर्मचारियों के हित में लिया गया। मेयर ने उनके दैनिक मानदेय को ₹500 से बढ़ाकर सीधे ₹800 करने की घोषणा की। इस फैसले के बाद नगर निगम परिसर में सफाई कर्मियों ने मेयर के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। प्रत्येक वार्ड में पर्यावरण मित्रों का समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

शहर की सुरक्षा और व्यवस्था को देखते हुए यह फैसला भी अहम है क्योंकि हाल के दिनों में देहरादून में फर्जी किन्नर बनकर वसूली करने वाले गिरोह भी सक्रिय हुए हैं। हाल ही में पटेलनगर क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे ही गिरोह के सदस्य को पकड़ा था जो वेश बदलकर गृह-प्रवेश जैसे आयोजनों में मोटी रकम वसूल रहा था। बधाई राशि तय होने से अब ऐसे फर्जी गिरोहों को पहचानने और उन पर नकेल कसने में आसानी होगी।

बैठक में समय की कमी और भारी शोर-शराबे के कारण सभी 65 प्रस्तावों पर बहस पूरी नहीं हो सकी। इसे देखते हुए मेयर ने सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया है। अब शेष बचे प्रस्तावों पर चर्चा के लिए गुरुवार सुबह 11 बजे से दोबारा बोर्ड बैठक बुलाई गई है। अगले सत्र में शहर की स्ट्रीट लाइट, कूड़ा निस्तारण और आवारा कुत्तों की समस्या जैसे गंभीर मुद्दों पर फैसले लिए जाने की उम्मीद है।

 

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