बंद नाले और जलभराव की शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर जारी, मिनटों में पहुंचेगी देहरादून नगर निगम की टीम
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी को साफ-सुथरा रखने और मानसूनी सीजन में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। शहर में जलभराव, मलबे और स्वच्छता से जुड़ी आपातकालीन शिकायतों का तुरंत निस्तारण करने के लिए शुक्रवार को आधिकारिक रूप से “क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT)” सेवा का आगाज कर दिया गया है।
इस नई व्यवस्था के तहत नगर निगम प्रशासन ने 5 विशेष रूप से तैयार क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शहरी विकास कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, महापौर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त आलोक कुमार पाण्डेय ने संयुक्त रूप से इन वाहनों को शहर के अलग-अलग संवेदनशील इलाकों के लिए रवाना किया।
कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने इस मौके पर मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि यह कदम देहरादून के नागरिकों को समय पर और प्रभावी आपातकालीन स्वच्छता सेवाएं देने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी व्यवस्था शहर के भीतर स्वच्छता तंत्र को मजबूत करेगी और किसी भी प्राकृतिक या मानवजनित आपदा के दौरान त्वरित राहत पहुंचाने का काम करेगी।
महापौर सौरभ थपलियाल ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि नगर निगम का मुख्य फोकस नागरिक सुविधाओं को हर स्तर पर हाईटेक और सुलभ बनाना है। उन्होंने बताया कि इस QRT व्यवस्था के लागू होने के बाद अब शहर के किसी भी कोने से आने वाली स्वच्छता संबंधी इमरजेंसी शिकायतों को पेंडिंग नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन पर ऑन-स्पॉट त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
नगर आयुक्त आलोक कुमार पाण्डेय ने इस पूरी विंग की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि धरातल पर कुल 5 समर्पित QRT वाहन तैनात किए गए हैं, जिनमें से प्रत्येक गाड़ी में 6-6 प्रशिक्षित और कुशल कार्मिकों की विशेष टीम चौबीसों घंटे मुस्तैद रहेगी। यानी कुल 30 जवानों को इस शुरुआती चरण में तैनात किया गया है।
नगर निगम ने आम जनता की सहूलियत के लिए एक आधिकारिक टोल फ्री नंबर 1800-180-4571 भी जारी कर दिया है। देहरादून का कोई भी नागरिक इस नंबर पर सीधे संपर्क साधकर अपने वार्ड या इलाके में आपातकालीन स्वच्छता और मलबे से जुड़ी समस्याओं के लिए QRT की मदद मांग सकता है। सूचना मिलते ही नजदीकी वाहन मौके के लिए रवाना हो जाएगा।
यह टीमें केवल सामान्य सफाई नहीं करेंगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं के बाद बिखरा मलबा हटाने, अचानक आए मलबे या कचरे को साफ करने, भारी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति में नालियों की इमरजेंसी ड्रेनेज क्लियर करने का जिम्मा संभालेंगी। इसके अलावा सार्वजनिक स्थलों पर विशेष स्वच्छता अभियान और आगजनी या अन्य बड़ी आपदाओं के बाद स्वच्छता सहायता देने में भी इनकी भूमिका तय की गई है।
क्षेत्रीय परिस्थितियों को देखते हुए इन टीमों को आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है। प्रत्येक गाड़ी में ग्रास कटिंग मशीन, बेलचा, फावड़ा, गैंती, सब्बल मौजूद रहेगा। इसके साथ ही झाड़ी काटने वाली विशेष तलवार, कुल्हाड़ी, रस्सियां और कार्मिकों की खुद की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण (पीपीई व सेफ्टी गियर्स) भी वाहनों में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए गए हैं।
इस हाई-प्रोफाइल लॉन्चिंग कार्यक्रम के दौरान नगर निगम के कई आला अधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें उप नगर आयुक्त तनवीर मरवाह, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आनंद कुमार शुक्ला और सहायक नगर आयुक्त राजबीर सिंह चौहान शामिल रहे। इनके साथ ही नगर निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और विभिन्न वार्डों के पार्षद भी इस नई शुरुआत के गवाह बने।







