विकासनगर में बिना लाइसेंस मांस बेच रहे 3 हिरासत में, पुलिस का चेकिंग अभियान
- बिना अनुमति नहीं बिकेगा मीट, जीवनगढ़ में दून पुलिस की बड़ी कार्रवाई
देहरादून। राजधानी देहरादून के पछवादून इलाके में अवैध रूप से संचालित हो रहीं मीट की दुकानों (Illegal Meat Shops) पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। रविवार को कोतवाली विकासनगर पुलिस ने जीवनगढ़ क्षेत्र में औचक चेकिंग और सत्यापन अभियान चलाते हुए बिना लाइसेंस मांस बेच रहे तीन दुकानदारों को हिरासत में लिया। इस कार्रवाई से इलाके में बिना मानकों के दुकानें चला रहे मीट कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
दरअसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून प्रमेंद्र सिंह डोभाल द्वारा जिले के सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने इलाकों में अवैध पशु कटान, अवैध भंडारण और बिक्री में लिप्त लोगों को चिह्नित कर कठोर कानूनी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी कड़ी में डाकपत्थर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सत्येंद्र सिंह की अगुवाई में कान्सटेबल दिनेश बाबू और पदम सिंह की टीम ने जीवनगढ़ में संचालित मांस प्रतिष्ठानों की जांच की।
दबिश के दौरान तीन दुकानदार ऐसे पाए गए जिनके पास खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन या स्थानीय निकाय (नगर पालिका) से प्राप्त वैध लाइसेंस या अनुमति पत्र नहीं था। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से तीनों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान 36 वर्षीय रईस, 50 वर्षीय इसरार और 40 वर्षीय जीशान के रूप में हुई है, जो सभी कुरैशी मोहल्ला, जीवनगढ़, विकासनगर के निवासी हैं।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और स्थानीय प्रशासन की मंजूरी के किसी भी प्रकार के पशु मांस का भंडारण या क्रय-विक्रय पूरी तरह गैर-कानूनी है। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ पुलिस प्रशासन का यह सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेगा।






