देहरादून : ईडी दफ्तर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, ओएसडी पर छापेमारी के बाद कस रहा शिकंजा
-
हरीश रावत से ईडी की पूछताछ, गले में मां की तस्वीर डालकर पहुंचे दफ्तर
-
वीपीडीओ भर्ती घोटाले में बढ़ा शिकंजा, पूर्व सीएम हरीश रावत से ईडी दफ्तर में पूछताछ
देहरादून, 26 सितंबर (ब्यूरो रिपोर्ट)। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की वर्ष 2016 में आयोजित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) परीक्षा में हुई ओएमआर शीट हेराफेरी का मामला एक बार फिर तूल पकड़ गया है। इस प्रकरण से जुड़े धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) जांच के सिलसिले में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के देहरादून स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे।
जांच एजेंसी द्वारा महज दो दिन पहले जारी किए गए समन के तामील में पूर्व मुख्यमंत्री सुबह तय समय पर अधिकारियों के समक्ष पेश हुए। इस दौरान उनका अंदाज चर्चा का विषय बना रहा, क्योंकि वह अपनी दिवंगत माताजी की फ्रेम की हुई तस्वीर गले में लटकाकर केंद्रीय एजेंसी के दफ्तर में दाखिल हुए।
संपत्ति और आईटीआर का मांगा विस्तृत ब्योरा
पूछताछ में शामिल होने से ठीक पहले मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए हरीश रावत ने स्थिति साफ की। उन्होंने बताया कि जांच अधिकारियों ने उनसे तथा उनके परिजनों से जुड़ी चल-अचल संपत्तियों की सूची, पिछले कई वर्षों का आयकर रिटर्न (ITR) और अन्य वित्तीय दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
पूर्व सीएम ने कहा कि वह कानून की प्रक्रिया का पूरा सम्मान करते हैं और एजेंसी द्वारा मांगी गई सभी जानकारियां एवं दस्तावेज चरणबद्ध तरीके से जमा कराए जा रहे हैं। हालांकि, केंद्रीय एजेंसी की बंद कमरे में हुई इस पूछताछ के विस्तृत सवालों का आधिकारिक विवरण फिलहाल सामने नहीं आया है।
पूर्व ओएसडी पर कस चुका है शिकंजा
इस समूचे मामले का तार हरीश रावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान उनके विशेष कार्याधिकारी (OSD) रहे चंदन सिंह जीना से जुड़ा हुआ है। वीपीडीओ परीक्षा की ओएमआर शीट में कूटरचना और अंकों में हेरफेर के आरोपों की जांच कर रही ईडी ने हाल ही में जीना के ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की थी।
उक्त कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने करीब 32 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी, भारी मात्रा में सोने के आभूषण और कुछ अहम दस्तावेज बरामद किए थे। इसके अलावा, रोकथाम धन शोधन अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत चंदन जीना और उनके निकट संबंधियों से जुड़े विभिन्न बैंक खातों में जमा 52.16 लाख रुपये के क्रेडिट बैलेंस को भी एजेंसी पहले ही फ्रीज कर चुकी है।
2016 का वीपीडीओ घोटाला और प्रशासनिक पृष्ठभूमि
उल्लेखनीय है कि मार्च 2016 में आयोजित वीपीडीओ भर्ती परीक्षा का परिणाम आने के बाद से ही इसमें बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगे थे। बाद में शासन स्तर पर गठित जांच समितियों और विजिलेंस की रिपोर्ट में ओएमआर शीट में व्हाइटनर के प्रयोग और अंकों की हेराफेरी की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद तत्कालीन परीक्षा को निरस्त कर दिया गया था। मामले में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने वित्तीय अनियमितताओं और अवैध कमाई को खपाने के पहलू से अपनी जांच आगे बढ़ाई है।
प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि पूर्व ओएसडी के वित्तीय लेन-देन और बरामद नकदी के स्रोतों का मिलान करने के उद्देश्य से ही पूर्व मुख्यमंत्री से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी की इस कड़ी कार्रवाई के बाद उत्तराखंड के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।






