धामी कैबिनेट की बैठक आज, रोजगार और बुनियादी ढांचे को लेकर आ सकते हैं बड़े फैसले
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज गुरुवार को सचिवालय के भीतर कैबिनेट की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। इस बैठक के एजेंडे में जनहित, राज्य के विकास और आगामी चुनावी तैयारियों से जुड़े कई अहम प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। शासन स्तर पर माना जा रहा है कि इस बैठक में एक दर्जन से अधिक बड़े प्रस्तावों पर गहन चर्चा के बाद सरकार कोई बड़ा फैसला ले सकती है।
राज्य की मौजूदा राजनीतिक और प्रशासनिक सरगर्मी को देखते हुए इस कैबिनेट बैठक को कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है। हाल ही में उत्तराखंड सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मिलकर यमुना का पानी साफ करने और किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना के समझौते पर सहमति जताई है, जिसके बाद अब राज्य स्तर पर योजनाओं की गति बढ़ाने का दबाव है। धामी सरकार इस समय विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और प्रशासनिक सुधारों को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद दिखाई दे रही है।
राजनैतिक गलियारों के विश्लेषकों का मानना है कि प्रदेश में होने वाले आगामी चुनावों के मद्देनजर सरकार विकास और जनता से जुड़े मुद्दों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। यही बड़ी वजह है कि आज की इस बैठक में विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़े लंबित पड़े प्रस्तावों के साथ-साथ आम जनता को सीधी राहत देने वाले लोक-लुभावन निर्णय भी सामने आ सकते हैं। धामी सरकार की पुरजोर कोशिश होगी कि विकास कार्यों की रफ्तार को दोगुनी गति दी जाए और समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े मामलों का तुरंत निपटारा किया जाए।
सचिवालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक आज होने वाली इस बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, बुनियादी ढांचा विकास, रोजगार, मनरेगा और राज्य में निवेश बढ़ाने से जुड़े नीतिगत प्रस्तावों पर गंभीर चर्चा संभव है। इसके अतिरिक्त अलग-अलग विभागों में नई कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत, पुराने नियमों में जरूरी संशोधनों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त करने को लेकर भी बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। प्रदेश सरकार लंबे समय से इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों का खाका तैयार कर रही थी, जिन पर अब कैबिनेट की अंतिम मुहर लगने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
पिछले कुछ महीनों में बीजेपी संगठन और सरकार दोनों ही स्तरों पर राजनीतिक गतिविधियां काफी तेज हुई हैं। इसी साल मार्च में हुए कैबिनेट विस्तार के बाद विभागों में कामकाज की गति को आक्रामक बनाया गया है। जहां एक तरफ सत्ताधारी दल आगामी चुनावी रणनीति को लेकर जमीन पर सक्रिय है, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री धामी की अगुवाई में सरकार विकास कार्यों को लेकर लगातार त्वरित निर्णय ले रही है।
यही कारण है कि आज होने वाली कैबिनेट बैठक को चुनाव से ठीक पहले सरकार के सबसे बड़े प्रशासनिक रोडमैप के रूप में देखा जा रहा है। सचिवालय के भीतर चर्चा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के विभिन्न सामाजिक और आर्थिक वर्गों को साधने के लिए कुछ नई चौकाने वाली घोषणाएं भी कर सकते हैं। हालांकि तमाम कयासों और राजनीतिक चर्चाओं के बीच इन सभी नीतिगत मामलों पर अंतिम और आधिकारिक निर्णय कैबिनेट बैठक के समाप्त होने के बाद ही पूरी तरह से साफ हो पाएगा।






