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देहरादून में सड़क खुदाई पर बड़ा एक्शन, यूपीसीएल पर लगा दो महीने का प्रतिबंध

By Rajat Sharma

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देहरादून शहर में विकास कार्यों के नाम पर सड़कों को खोदने वाली एजेंसियां अब जिला प्रशासन की नजर में हैं। हाल ही में जिलाधिकारी सविन बंसल ने उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। इस कंपनी पर दो महीने तक किसी भी तरह की सड़क खुदाई की अनुमति नहीं मिलेगी। वजह है, अनुमति की शर्तों का खुला उल्लंघन, जो शहरवासियों की सुरक्षा को खतरे में डाल रहा था।

क्या हुआ निरीक्षण में?

उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी की अगुवाई में एक त्वरित प्रतिक्रिया टीम ने शहर के कई इलाकों में अचानक जांच की। टीम ने सहारनपुर रोड पर सब्जी मंडी चौक से आईएसबीटी तक और जीएमएस रोड पर बल्लूपुर चौक से सब्जी मंडी चौक तक चल रहे कार्यों को देखा। ये काम एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) द्वारा फंडेड उत्तराखंड क्लाइमेट रेजिलिएंट पावर सिस्टम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (यूसीआरपीएसडीपी) का हिस्सा हैं।

इस प्रोजेक्ट का मकसद ओवरहेड बिजली लाइनों को अंडरग्राउंड करना है, ताकि मौसम की मार से बिजली सप्लाई प्रभावित न हो और शहर की सौंदर्यता भी बढ़े। लेकिन जांच में पता चला कि ठेकेदार और विभाग ने नियमों की अनदेखी की।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी

टीम को कई जगहों पर गंभीर खामियां मिलीं। रिस्पना, आराघर चौक, कारगी-मोथरोवाला रोड, दून यूनिवर्सिटी रोड और शिमला बाईपास रोड जैसे इलाकों में सड़कें दिन के समय खोदी जा रही थीं, जबकि अनुमति सिर्फ रात के लिए थी। इससे ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया। खुदाई से निकला मलबा सड़कों पर फैला हुआ था, जिससे रास्ते संकरे हो गए।

बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टिव टेप और साइन बोर्ड जैसी जरूरी सावधानियां कहीं नजर नहीं आईं। ऐसी लापरवाही से पैदल चलने वालों और वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ सकती है। भारत में हर साल सड़क दुर्घटनाओं से लाखों लोग प्रभावित होते हैं, और ऐसे निर्माण कार्य इनमें बड़ा योगदान देते हैं।

जिलाधिकारी का सख्त रुख

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि अनुमति की शर्तों को तोड़ना जुर्म है और इसके लिए सजा मिलनी तय है। अगर काम रुकता है या देरी होती है, तो समय और लागत की बढ़ोतरी की जिम्मेदारी विभाग और ठेकेदार पर होगी। उन्होंने पहले जारी अनुमति नंबर 6691/643 को तुरंत रद्द कर दिया। अब यूपीसीएल को दो महीने तक नई अनुमति नहीं मिलेगी। यह कदम शहर की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संकेत है।

भविष्य के लिए चेतावनी

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को हिदायत दी कि आगे से कोई भी काम शुरू करने से पहले सुरक्षा नियमों, ट्रैफिक मैनेजमेंट और अनुमति की शर्तों का सख्ती से पालन करें। इससे न सिर्फ दुर्घटनाएं रुकेंगी, बल्कि शहरवासी बिना परेशानी के अपना काम कर सकेंगे। देहरादून जैसे पहाड़ी शहर में सड़कें पहले से ही चुनौतीपूर्ण हैं, और ऐसे प्रोजेक्ट क्लाइमेट चेंज से निपटने में मददगार साबित हो सकते हैं, बशर्ते वे सही तरीके से किए जाएं।

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