केदारनाथ दर्शन पर भ्रामक वीडियो फैलाना पड़ा भारी, धामी सरकार ने लिया बड़ा एक्शन
देहरादून : उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा की शुचिता और राज्य की छवि से खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ धामी सरकार ने अब आर-पार की जंग छेड़ दी है। केदारनाथ धाम में दर्शन की व्यवस्थाओं को लेकर सोशल मीडिया पर एक भ्रामक वीडियो वायरल करना एक व्यक्ति को काफी महंगा पड़ गया है। शासन के सख्त निर्देश के बाद रुद्रप्रयाग पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार का दुष्प्रचार सहन नहीं किया जाएगा। हाल ही में रुद्रप्रयाग जनपद की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ने एक वीडियो पकड़ा, जिसमें दावा किया जा रहा था कि श्रद्धालुओं को केदारनाथ धाम में दर्शन से वंचित किया जा रहा है। जांच में यह दावा पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक पाया गया, जिसके बाद सोनप्रयाग थाने में FIR दर्ज की गई है।
पुलिस महानिदेशक कार्यालय के अनुसार, केवल एक वीडियो ही नहीं बल्कि ऐसे 4 से 5 और संदिग्ध प्रोफाइल चिन्हित किए गए हैं। इन खातों से यात्रा की अव्यवस्थाओं को लेकर पुराने या एडिटेड वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। इन सभी के खिलाफ आईटी एक्ट की धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 2026 की चारधाम यात्रा के लिए अब तक रिकॉर्ड 20 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। अकेले पहले सप्ताह में ही 5.18 लाख श्रद्धालुओं ने अपना स्लॉट बुक किया था। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए सरकार ने इस बार हेल्थ चेकअप सेंटर और 20 मेडिकल रिलीफ पोस्ट बनाए हैं, ताकि 55 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सके।
साइबर सेल ने यात्रियों के लिए एक नया ‘फ्रॉड अलर्ट’ भी जारी किया है। दरअसल, इंटरनेट पर कई ऐसी वेबसाइट्स सक्रिय हैं जो IRCTC के आधिकारिक पोर्टल (heliyatra.irctc.co.in) से मिलते-जुलते डोमेन बनाकर हेलीकॉप्टर टिकट के नाम पर लूट रही हैं। एसटीएफ अब तक 180 से ज्यादा फर्जी सोशल मीडिया लिंक हटा चुकी है और 52 संदिग्ध मोबाइल नंबरों को ब्लॉक करने के लिए दूरसंचार विभाग को पत्र लिखा गया है।
सरकार ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा से जुड़ी किसी भी अपडेट के लिए केवल ‘Tourist Care Uttarakhand’ ऐप या आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें। किसी भी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप या इन्फ्लुएंसर के दावों पर यकीन करने से पहले आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 0135-1364 पर पुष्टि जरूर करें। यदि आपके साथ कोई साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 डायल कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।






