देहरादून-मसूरी के बीच सफर होगा आसान, CM धामी ने शिव मंदिर पुल को लेकर दिया बड़ा अल्टीमेटम
देहरादून (ब्यूरो)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को अचानक मसूरी रोड स्थित शिव मंदिर के पास पहुंच गए। वहां उन्होंने बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए पुल के पुनर्निर्माण कार्यों का बारीकी से स्थलीय निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि यह पुल केवल एक ढांचा नहीं, बल्कि देहरादून और मसूरी को जोड़ने वाली लाइफलाइन है। इस मार्ग पर हर दिन हजारों स्थानीय निवासियों और देश-दुनिया से आने वाले पर्यटकों का दबाव रहता है।
यातायात के इस भारी दबाव को देखते हुए सीएम ने वैली ब्रिज के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पुल के दोनों छोर से आवागमन सुचारू करने के लिए वैली ब्रिज का संचालन जल्द से जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
ग्राउंड जीरो पर अधिकारियों के पसीने तब छूट गए जब मुख्यमंत्री ने निर्माण की एक-एक फाइल और टाइमलाइन की जानकारी मांगी।

सीएम धामी ने इस दौरान एक डेडलाइन भी सेट कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले 2 से 3 महीने के भीतर यहां स्थायी पुल बनकर खड़ा हो जाना चाहिए। राज्य सरकार का लक्ष्य मानसून की चुनौतियों से पहले इस प्रोजेक्ट को पूरा करना है ताकि कनेक्टिविटी में कोई बाधा न आए।
विशेष सूत्रों और विभाग की नई रिपोर्ट के मुताबिक, इस पुल का निर्माण ‘क्लास ए’ लोडिंग मानकों के अनुरूप किया जा रहा है, ताकि भारी वाहनों के दबाव को यह आसानी से झेल सके। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने आगामी चारधाम यात्रा और आदि कैलाश यात्रा को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि यात्रा सीजन में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगमता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे केवल दफ्तरों में बैठकर समीक्षा न करें, बल्कि फील्ड पर जाकर मॉनिटरिंग करें। सीएम ने कहा कि दुर्गम इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रदेशभर में पुलों और सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिसकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कार्यों की प्रगति की निरंतर रिपोर्ट सीधे शासन को भेजने का भी आदेश दिया।







