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Dehradun News : CM के निर्देश पर तहलका! बिना अनुमति लगे मोबाइल टावरों पर प्रशासन ने चलाया बुलडोज़र

By Rajat Sharma

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Dehradun News : देहरादून जिला प्रशासन ने नियमों की अनदेखी कर घनी आबादी में लगाए गए मोबाइल टावरों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिलाधिकारी सविन बसंल के नेतृत्व में प्रशासन ने फ्रंटफुट पर रहकर एक के बाद एक बड़े एक्शन लिए हैं।

हाल ही में तहसील विकासनगर के ग्राम बहादुरपुर, सेलाकुई, राजावाला रोड और वार्ड नंबर 05 रामबाग, हरबर्टपुर में बिना अनुमति और मानकों का उल्लंघन कर लगाए गए दर्जनों हाई फ्रीक्वेंसी मोबाइल टावरों को सील कर दिया गया। इन कार्रवाइयों से न केवल नियम तोड़ने वालों में खौफ पैदा हुआ है, बल्कि आम जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास भी बढ़ा है।

जिला प्रशासन का साफ कहना है कि जनहित सर्वोपरि है। बिना अनुमति या नक्शे के पंजीकरण के लगाए गए किसी भी मोबाइल टावर को बख्शा नहीं जाएगा। जिलाधिकारी सविन बसंल ने स्पष्ट किया, “हमारे जिले में जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।

नियम-कायदों को दरकिनार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।” घनी बस्तियों में हाई फ्रीक्वेंसी टावरों से रेडिएशन का खतरा लंबे समय से स्थानीय लोगों की चिंता का विषय रहा है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं की सेहत को लेकर उठ रही शिकायतों ने प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के लिए प्रेरित किया।

बीते महीनों में विकासनगर तहसील के बहादुरपुर, सेलाकुई और हरबर्टपुर के रामबाग वार्ड नंबर 05 के निवासियों ने शिकायत की थी कि उनके इलाकों में नियमों को ताक पर रखकर मोबाइल टावर लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना था कि इन टावरों से रेडिएशन का खतरा बढ़ रहा है, जिससे उनकी सेहत पर विपरीत असर पड़ सकता है।

इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) और ईडीएम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। नतीजतन, प्रशासन ने इन टावरों को सील कर दिया, जिससे क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली।

देहरादून जिला प्रशासन की यह त्वरित कार्यशैली न केवल नियम तोड़ने वालों के लिए चेतावनी है, बल्कि जनता के बीच सरकार और प्रशासन की विश्वसनीयता को भी मजबूत कर रही है। नियम-विरुद्ध कार्यों को “विध्वंस” करने की इस मुहिम ने स्थानीय लोगों में सकारात्मक माहौल बनाया है। प्रशासन का कहना है कि वह हर छोटे-बड़े मामले में जनहित को प्राथमिकता देगा, चाहे इसके लिए कितने ही कठिन निर्णय क्यों न लेने पड़ें।

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