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श्रमिकों के आंदोलन की आड़ में हिंसा का खेल, SSP दून की सख्ती के बाद सेलाकुई में पुलिस का बड़ा क्रैकडाउन

By Rajat Sharma

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फैक्ट्रियों में मजदूरों को भड़काना पड़ा भारी, देहरादून पुलिस ने दबोचे यूपी-उत्तराखंड के 10 उपद्रवी, देखें लिस्ट

देहरादून : उत्तराखंड के औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई में श्रमिकों के प्रदर्शन की आड़ में माहौल बिगाड़ने की बड़ी साजिश को दून पुलिस ने नाकाम कर दिया है। डिक्सन फैक्ट्री परिसर और पुलिस बल पर हुए पथराव के मामले में पुलिस ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। कानून व्यवस्था को हाथ में लेने की कोशिश करने वाले 10 शातिर उपद्रवियों को पुलिस ने धर दबोचा है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून प्रमेंद्र डोभाल के कड़े निर्देशों के बाद पुलिस टीम ने यह त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने इन सभी उपद्रवियों की गिरफ्तारी ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत सुनिश्चित की है। पकड़े गए आरोपी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं, जो यहां श्रमिकों को भड़काने का काम कर रहे थे।

श्रमिक आंदोलन की आड़ में रची गई थी पथराव की साजिश

बीती 16 मई 2026 को सेलाकुई स्थित डिक्सन फैक्ट्री में श्रमिक अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए इकट्ठा हुए थे। इसी दौरान कुछ अराजक और उपद्रवी तत्वों ने श्रमिकों की आड़ लेकर फैक्ट्री परिसर के भीतर जमकर उत्पाद मचाया। इन उपद्रवियों ने न सिर्फ निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया बल्कि मौके पर मुस्तैद पुलिस कर्मियों पर भी ताबड़तोड़ पथराव कर दिया था। इस हिंसक झड़प के बाद थाना सेलाकुई में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।

औद्योगिक क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती देख एसएसपी देहरादून ने तत्काल थानाध्यक्ष सेलाकुई को आरोपियों की धरपकड़ के आदेश जारी किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी सहसपुर के नेतृत्व में एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया। इस टीम में थाना सेलाकुई और कोतवाली सहसपुर के तेजतर्रार पुलिस अधिकारियों और जवानों को शामिल किया गया था।

मजदूरों को डराने और दोबारा हिंसा फैलाने की थी तैयारी

दिनांक 17 मई 2026 को संयुक्त पुलिस टीम को मुखबिर से बेहद पुख्ता सूचना प्राप्त हुई। पता चला कि कुछ असामाजिक तत्व संगठित गिरोह बनाकर सेलाकुई की विभिन्न फैक्ट्रियों और रिहायशी मोहल्लों में घूम रहे हैं। यह लोग कंपनियों में ईमानदारी से काम करने वाले सीधे-साधे श्रमिकों को जबरन भड़का रहे थे। इतना ही नहीं, जो मजदूर काम पर वापस लौटना चाहते थे, उन्हें डराया-धमकाया जा रहा था और उनके साथ मारपीट करने की कोशिश की जा रही थी।

पुलिस को इस बात के भी पुख्ता इनपुट मिले थे कि इन उपद्रवियों में से कुछ लोग 16 मई को हुई पत्थरबाजी की घटना में भी सीधे तौर पर शामिल थे। यह गिरोह दोबारा सेलाकुई में किसी बड़े संज्ञेय अपराध को अंजाम देने की फिराक में था। इनकी योजना एक बार फिर संगठित होकर पत्थरबाजी करने और इलाके की लोक शांति को पूरी तरह से भंग करने की थी।

घेराबंदी कर दबोचे गए 10 आरोपी, धारा 170 BNSS के तहत कार्रवाई

सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस टीम को देखते ही उपद्रवियों में भगदड़ मच गई, लेकिन मुस्तैद जवानों ने कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहे 10 आरोपियों को मौके से ही दबोच लिया। पुलिस ने किसी भी संभावित बड़ी हिंसा को रोकने के लिए इन सभी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत प्रिवेंटिव अरेस्ट की कार्रवाई की है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, शाहजहांपुर और उत्तराखंड के हरिद्वार व उधम सिंह नगर के युवक शामिल हैं। पुलिस इन सभी के पुराने आपराधिक इतिहास को भी खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस औद्योगिक अशांति के पीछे कोई बड़ी सुनियोजित साजिश तो नहीं थी।

गिरफ्तार किए गए उपद्रवियों की पूरी सूची:

रिजवान (उम्र 25 वर्ष), पुत्र रफत अली, निवासी: ग्राम करणपुर निबाह, थाना फरदान, जिला लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश)। यह डिक्शन कंपनी का कर्मचारी है और वर्तमान में जमनपुर, सेलाकुई, देहरादून में रह रहा था।

विकास (उम्र 28 वर्ष), पुत्र लक्ष्मी चंद, निवासी: ग्राम सडिया मुगलपुरा, थाना न्यूरिया हुसैनपुर, जिला पीलीभीत (उत्तर प्रदेश)। यह एवंटोर कंपनी में कार्यरत है और फिलहाल जमनपुर, सेलाकुई में रह रहा था।

रोहित सेमवाल (उम्र 28 वर्ष), पुत्र विष्णु दत्त सेमवाल, निवासी: 169 भेल सेक्टर नंबर 01, रानीपुर मोड़, हरिद्वार। यह जमनपुर में परचून की दुकान चलाता है और वर्तमान में जमनपुर, सेलाकुई में ही रह रहा था।

कैफ (उम्र 21 वर्ष), पुत्र फुरकान, निवासी: ग्राम हैदराबाद, थाना सदर कोतवाली, जिला लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश)। यह डिक्सन कंपनी में काम करता है और अकरम की बिल्डिंग, जमनपुर, सेलाकुई में रह रहा था।

फरदीन (उम्र 20 वर्ष), पुत्र फहीम, निवासी: ग्राम गौड़ी मोहल्ला देशनगर, थाना कोतवाली, जिला पीलीभीत (उत्तर प्रदेश)। यह भी डिक्शन कंपनी का कर्मी है और जमनपुर, सेलाकुई में रह रहा था।

समीर (उम्र 18 वर्ष), पुत्र सिराज, निवासी: ग्राम पूरनपुर, जिला पीलीभीत (उत्तर प्रदेश)। यह डिक्शन कंपनी से जुड़ा है और हाल पता जमनपुर, सेलाकुई, देहरादून है।

अभिषेक गुप्ता (उम्र 21 वर्ष), पुत्र दीपू गुप्ता, निवासी: ग्राम अटकोना, थाना रामपुर, जिला लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश)। यह डिक्शन कंपनी का कर्मचारी है और दिनेश प्रसाद के मकान, जमनपुर, सेलाकुई में रह रहा था।

मोहम्मद कैफ (उम्र 21 वर्ष), पुत्र अकील, निवासी: ग्राम कटरा, थाना कटरा, जिला शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश)। यह डिक्शन सॉल्यूशंस में काम करता है और आरिफ के मकान, जमनपुर, सेलाकुई में रह रहा था।

सुजान (उम्र 22 वर्ष), पुत्र मोहम्मद उमर, निवासी: नगतपुरा सितारगंज, जिला उधम सिंह नगर (उत्तराखंड)। यह ईडी कंपनी में कार्यरत है और इनाम के मकान, जमनपुर, सेलाकुई में रह रहा था।

हाशिम (उम्र 21 वर्ष), पुत्र यासीन, निवासी: ग्राम लोधीपुर, थाना पूरनपुर, जिला पीलीभीत (उत्तर प्रदेश)। यह टाइटेनियम कंपनी में कार्यरत है और वर्तमान में अकरम के मकान, जमनपुर, सेलाकुई, देहरादून में ठिकाना बनाए हुए था।

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