देश विदेश क्राइम उत्तराखंड मनोरंजन बिज़नेस ऑटो टेक्नोलॉजी खेल धर्म हेल्थ लाइफस्टाइल ई - पेपर

आपका फोन भी खो गया है? देहरादून पुलिस ने रिकवर किए 415 स्मार्टफोन, ऐसे चेक करें

By Rajat Sharma

Published on:

देहरादून पुलिस ने लौटाए 415 गुमशुदा मोबाइल, मालिकों के चेहरे पर लौटी मुस्कान, दून पुलिस की बड़ी रिकवरी; सर्विलांस और CEIR पोर्टल की मदद से खोज निकाले 415 मोबाइल फोन

देहरादून (ब्यूरो)। राजधानी की साइबर सेल टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए शहर के अलग-अलग इलाकों से गायब हुए 415 स्मार्टफोन्स को बरामद कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत रिकवर किए गए इन मोबाइलों की कुल बाजार कीमत 70 लाख 45 हजार रुपये आंकी गई है। शनिवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान एसएसपी ने खुद इन मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों के हवाले किया। सालों और महीनों से अपने फोन की उम्मीद छोड़ चुके नागरिकों के चेहरे मोबाइल वापस पाते ही खिल उठे।

साइबर सेल की टीम ने इन फोनों को ट्रैक करने के लिए उत्तराखंड समेत पड़ोसी राज्यों में भी जाल बिछाया था। सर्विलांस डेटा और तकनीकी इनपुट की मदद से पुलिस की विभिन्न टीमों ने एक-एक कर इन 415 हैंडसेट्स को ढूंढ निकाला। पुलिस की इस कामयाबी में भारत सरकार के ‘सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर’ (CEIR) पोर्टल ने अहम भूमिका निभाई है। देहरादून पुलिस ने थानों और साइबर सेल स्तर पर इस पोर्टल के जरिए मिली शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए फोन ब्लॉक और ट्रैक करने की प्रक्रिया को तेज किया था।

रिकवरी टीम की कमान पुलिस उपाधीक्षक (स्पेशल ऑपरेशन्स) अंकित कण्डारी और साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक गिरीश चन्द्र शर्मा संभाल रहे थे। टीम में महिला उप निरीक्षक निर्मल भट्ट, हेड कांस्टेबल भरत सिंह रावत, और रचना निराला जैसे तेजतर्रार कर्मी शामिल रहे जिन्होंने डेटा माइनिंग के जरिए सटीक लोकेशन ट्रेस की। विशेषज्ञों के मुताबिक, चोरी या गुम हुए मोबाइल अक्सर दूसरे राज्यों के ग्रे-मार्केट में बेच दिए जाते हैं, जिससे उन्हें ट्रैक करना कठिन हो जाता है। हालांकि, देहरादून पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस के जरिए बाहरी राज्यों से भी बड़ी संख्या में हैंडसेट रिकवर किए हैं।

एसएसपी देहरादून प्रमेन्द्र सिंह डोभाल ने इस मौके पर जनता के लिए एक कड़ा सुरक्षा परामर्श भी जारी किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कम कीमत के लालच में आकर किसी भी अनजान व्यक्ति से बिना वैध बिल के पुराना मोबाइल खरीदना आपको कानूनी पचड़े में डाल सकता है। पुलिस ने अपील की है कि सेकेंड-हैंड मोबाइल खरीदते समय विक्रेता का वैधानिक पहचान पत्र और ओरिजिनल इनवॉइस जरूर चेक करें। बिना कागजात के मोबाइल खरीदना न केवल रिस्की है, बल्कि यह चोरी के माल को संरक्षण देने की श्रेणी में भी आ सकता है।

इस पूरी ऑपरेशनल टीम में कांस्टेबल सूरज रावत, हेड कांस्टेबल किरण कुमार (SOG), और प्रकाश राज सहित जनपद के विभिन्न थानों में तैनात CEIR पोर्टल कर्मियों का विशेष योगदान रहा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गुमशुदा मोबाइलों की बरामदगी का यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

Leave a Comment