देश विदेश क्राइम उत्तराखंड मनोरंजन बिज़नेस ऑटो टेक्नोलॉजी खेल धर्म हेल्थ लाइफस्टाइल ई - पेपर

GST Tax Slab : GST बढ़ा कर 12% से 18% क्यों करना चाहती है सरकार? जानिये

By Rajat Sharma

Published on:


GST Tax Slab : केंद्र सरकार ने Goods and Services Tax (GST) में बड़ा बदलाव करने का प्रस्ताव रखा है, जिस पर 3-4 सितंबर को होने वाली GST काउंसिल की बैठक में चर्चा होगी। खबर है कि सरकार पेट्रोलियम क्रूड, नेचुरल गैस और माइनिंग से जुड़ी प्रोफेशनल, टेक्निकल और बिजनेस सेवाओं पर GST की दर बढ़ाने की योजना बना रही है।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार 12% (इनपुट टैक्स क्रेडिट के साथ) की मौजूदा GST दर को बढ़ाकर 18% (इनपुट टैक्स क्रेडिट के साथ) करने पर विचार कर रही है। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं।

प्रस्ताव की पूरी डिटेल

सीएनबीसी-टीवी 18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि अभी पेट्रोलियम क्रूड, नेचुरल गैस और माइनिंग से जुड़ी सेवाओं पर 12% GST लगता है। लेकिन सरकार का मानना है कि GST स्ट्रक्चर को और सरल करने के लिए इन सेवाओं पर टैक्स को 18% करना जरूरी है। इस कदम से सरकार को ज्यादा रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है। साथ ही, कंपनियों को Input Tax Credit (ITC) की सुविधा मिलती रहेगी, जिससे वे अपने खर्च का कुछ हिस्सा टैक्स क्रेडिट के जरिए समायोजित कर सकेंगी।

अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो तेल और गैस सेक्टर की कंपनियों की लागत बढ़ सकती है। खासकर माइनिंग से जुड़ी सेवाओं और तकनीकी सपोर्ट देने वाले बिजनेस पर इसका सीधा असर पड़ेगा। हालांकि, Input Tax Credit (ITC) की सुविधा होने से कंपनियां अपने खर्च को कुछ हद तक मैनेज कर पाएंगी।

सरकार ने क्यों लिया ये फैसला?

वर्तमान में ऑयल एक्सप्लोरेशन, गैस ड्रिलिंग और माइनिंग सपोर्ट सेवाओं पर केवल 12% GST लगता है। इनमें सीस्मिक सर्वे, भूवैज्ञानिक और भौगोलिक डाटा एनालिसिस, ड्रिलिंग ऑपरेशंस, माइन प्लानिंग और अन्य प्रोफेशनल व टेक्निकल सेवाएं शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन सेवाओं को भी अन्य प्रोफेशनल और कंसल्टेंसी सेवाओं की तरह 18% GST स्लैब में लाना चाहिए। इससे टैक्स सिस्टम में एकरूपता आएगी और विवाद कम होंगे।

सरकार का तर्क क्या है?

अधिकारियों का कहना है कि इस बदलाव से कई फायदे होंगे:

  • सभी प्रोफेशनल सेवाओं पर एकसमान टैक्स लगेगा।
  • टैक्स ढांचे में अंतर और विवाद कम होंगे।
  • सरकार को ज्यादा और स्थिर टैक्स रेवेन्यू मिलेगा।

इसके अलावा, यह कदम GST सिस्टम को और मजबूत करने में मदद करेगा, जिससे अर्थव्यवस्था को फायदा होगा।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर असर?

अगर सरकार पेट्रोलियम क्रूड, नेचुरल गैस और माइनिंग से जुड़ी सेवाओं पर GST को 12% से बढ़ाकर 18% कर देती है, तो इसका असर कंपनियों की ऑपरेशनल कॉस्ट पर पड़ेगा। लेकिन अच्छी खबर यह है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर इसका सीधा असर नहीं होगा। अभी पेट्रोल, डीजल और कच्चे तेल पर GST लागू नहीं है।

इन पर एक्साइज ड्यूटी और वैट (राज्य कर) लगता है। इसलिए, इस टैक्स बढ़ोतरी से पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं बढ़ेंगी। हालांकि, माइनिंग से जुड़े प्रोडक्ट्स, जैसे कोयला या अन्य खनिज, थोड़े महंगे हो सकते हैं, क्योंकि माइनिंग सेवाओं की लागत बढ़ेगी।

Leave a Comment