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पीपलकोटी सुरंग हादसा: 18 से अधिक वर्कर फंसे, राहत-बचाव दल ने 13 लोगों को निकाला सुरक्षित

By Rajat Sharma

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चमोली में THDC की निर्माणाधीन सुरंग में घुसा मलबा और पानी, 13 मजदूर सुरक्षित निकाले गए, रेस्क्यू जारी

पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल धंसी: मलबे में फंसे मजदूर, NDRF-SDRF ने संभाला मोर्चा

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित मायापुर (पीपलकोटी) के पास टीएचडीसी की 444 मेगावाट वाली विष्णुगाड पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में गुरुवार शाम करीब 7:05 बजे अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी भर गया। सुरंग का एक हिस्सा धंसने से वहां काम कर रहे 18 से 19 मजदूरों के फंसने से हड़कंप मच गया। घटना की खबर मिलते ही राहत और बचाव दल तुरंत एक्शन में आया और अब तक 13 लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया है।

यह निर्माण कार्य हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) द्वारा कराया जा रहा था। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि बाकी बचे कर्मचारियों को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान तेज गति से चलाया जा रहा है। टनल के मुहाने और भीतर जमा पानी तथा मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनरी और पंपों का सहारा लिया जा रहा है।

हादसे की भयावहता को देखते हुए सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को मौके पर तुरंत रवाना कर दिया गया है। वर्तमान में घटनास्थल पर डीआईआरएफ (DIRF), सीआईएसएफ (CISF) और स्थानीय पुलिस के जवान मुस्तैदी के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। जिला प्रशासन की पूरी टीम मौके पर मौजूद है और हर आवश्यक संसाधन तुरंत मुहैया कराए जा रहे हैं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दुर्घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन को युद्धस्तर पर रेस्क्यू चलाने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। सीएम ने स्पष्ट किया कि सभी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम करें ताकि अंदर फंसे हर एक व्यक्ति की जान बचाई जा सके।

मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि वे शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं और स्थिति की पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता सुरंग में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सही-सलामत बाहर निकालना है। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रभावित परिवारों को पूरी मदद दी जाएगी।

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