Parijat Plant Vastu : परिजात का पौधा न सिर्फ़ घर की खूबसूरती बढ़ाता है, बल्कि इसे शुभ फल देने वाला भी माना जाता है। हिंदू धर्म में यह पौधा मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है।
लेकिन घर में परिजात लगाने से पहले कुछ दिशा और नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होता है। अगर इन नियमों को नजरअंदाज किया जाए, तो माँ लक्ष्मी नाराज़ हो सकती हैं और घर में सुख-शांति और धन की कमी महसूस हो सकती है।
सही दिशा का महत्व
वास्तु शास्त्र के अनुसार परिजात का पौधा उत्तर-पूर्व या पूरब दिशा में लगाना सबसे शुभ माना जाता है। यह दिशा सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है और घर में सुख-शांति और समृद्धि बढ़ाती है।
उत्तर दिशा: धन और आर्थिक समृद्धि के लिए
पूर्व दिशा: स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए
परिजात की देखभाल
माँ लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए परिजात की सही देखभाल भी जरूरी है। पौधे को समय-समय पर पानी दें, मिट्टी बदलें और सुनिश्चित करें कि पौधा स्वस्थ और हरा-भरा रहे।
परिजात लगाने का सही समय
परिजात लगाना सुर्य के उदय के समय या अमावस्या/पूर्णिमा के दिन शुभ माना जाता है। इस समय पौधे की ऊर्जा अधिक सकारात्मक रहती है और घर में समृद्धि आती है।
परिजात के फूल और पूजा
परिजात के फूलों का विशेष महत्व है। इनका उपयोग घर में लक्ष्मी पूजा या दैनिक पूजा में किया जा सकता है। फूल ताजगी और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक हैं।
घर में परिजात लगाने से बचें ये गलतियाँ
पौधे को घर के दक्षिण दिशा में लगाने से बचें। यह दिशा नकारात्मक ऊर्जा लाती है।
पौधे के आसपास गंदगी या सूखी पत्तियों को इकट्ठा न होने दें। पौधे की नियमित कटाई और सफाई करना आवश्यक है।
परिजात से जुड़ी मान्यताएँ
लोक मान्यता है कि यदि घर में परिजात सही दिशा में रखा जाए, तो यह घर में धन, सुख, और मानसिक शांति लाता है। इसके अलावा यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और परिवार में सौहार्द बढ़ाता है।
छोटा उपाय, बड़ा लाभ
यदि आपके पास जगह कम है, तो आप पॉट में परिजात भी लगा सकते हैं। इसे घर के पूजा स्थान के पास रखें और समय-समय पर फूलों की साफ-सफाई करें।
घर में परिजात लगाना सिर्फ़ सजावट का साधन नहीं है, बल्कि यह समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा लाने का प्रतीक भी है।
सही दिशा और देखभाल से यह पौधा माँ लक्ष्मी की कृपा घर में बनाए रखता है।











