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हरिद्वार में राष्ट्रीय तीरंदाजी का महासंग्राम संपन्न, लोकेंद्र और टीम अमोघ ने दागा सोने पर निशाना

By Rajat Sharma

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45 दिग्गजों के बीच कांटे की टक्कर, हरिद्वार नेशनल तीरंदाजी में ‘टीम अमोघ’ ने जीता गोल्ड

कोच विकास सिंह की रणनीति रही अचूक, हरिद्वार में संपन्न हुई राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता

हरिद्वार (ब्यूरो)। धर्मनगरी के गोविंदपुरी स्थित एसएमजेएन (SMJN) डिग्री कॉलेज के प्रांगण में पिछले सात दिनों से चल रहा तीरों का रोमांचक महासंग्राम आखिरकार संपन्न हो गया है। 16 से 22 जून 2026 तक आयोजित इस “4th RJK Gold Medal Open National Archery Championship” (इंडिया राउंड सीनियर) के आखिरी दिन खिलाड़ियों के बीच मेडल जीतने की जबरदस्त जंग देखने को मिली। व्यक्तिगत वर्ग में जहां ‘टीम अमोघ’ के लोकेंद्र ने सोने पर सटीक निशाना लगाया, वहीं टीम स्पर्धा में भी ‘टीम अमोघ’ ने बाकी राज्यों को पछाड़ते हुए चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

इस राष्ट्रीय स्तर की भव्य तीरंदाजी प्रतियोगिता का सफल आयोजन कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (भारत सरकार) के अधीन काम करने वाले आरजेके (RJK) फाउंडेशन ने किया था। इस आयोजन में उत्तराखंड तीरंदाजी एसोसिएशन से मान्यता प्राप्त हरिद्वार तीरंदाजी एसोसिएशन का विशेष सहयोग रहा। पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा और शानदार संचालन आरजेके फाउंडेशन के निदेशक श्री रमेश प्रसाद और श्री कुलदीप चौहान के कुशल मार्गदर्शन में पूरा हुआ। प्रतियोगिता को पूरी तरह तकनीकी रूप से मजबूत और अनुशासित बनाए रखने का जिम्मा उत्तराखंड के मूल निवासी और प्रतिष्ठित कोच विकास सिंह के कंधों पर था।

कोच विकास सिंह के ही नेतृत्व में इस पूरे भव्य खेल आयोजन को सफलता के मुकाम तक पहुंचाया गया। आपको बता दें कि कोच विकास सिंह के मार्गदर्शन में वर्तमान समय में देश के कई प्रतिभावान बच्चे पंजाब के खेल केंद्रों में भी उच्च स्तरीय तीरंदाजी का कड़ा प्रशिक्षण ले रहे हैं।

इस चैंपियनशिप के इंडियन बो (ब्वॉयज सीनियर) वर्ग में देश के कोने-कोने से आए कुल 45 शीर्ष तीरंदाजों ने अपना दम दिखाया। क्वालिफिकेशन राउंड इतना कड़ा था कि हर एक अंक के लिए खिलाड़ियों को पसीना बहाना पड़ा। इस रोमांचक दौर में ‘टीम अमोघ’ के लोकेंद्र ने बेहतरीन मानसिक संतुलन दिखाते हुए 311 अंकों का शानदार स्कोर खड़ा किया और पहले स्थान पर रहकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

उत्तराखंड के लोकल बॉय रोहित ने भी घरेलू मैदान पर गजब का जुझारूपन दिखाया और बेहद कड़े मुकाबले में 310 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहकर रजत पदक जीता। वहीं ‘टीम अमोघ’ के ही एक और होनहार तीरंदाज हिम्मत ने 309 अंकों के उत्कृष्ट स्कोर के साथ देश भर में तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।

शीर्ष दस खिलाड़ियों की रेस में अंकों का अंतर बेहद मामूली रहा, जो प्रतियोगिता के ऊंचे स्तर को साफ दर्शाता है। रोहतक के राहुल 308 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहे, जबकि हरियाणा के मोहित 307 अंक लेकर पांचवें स्थान पर टिके। राजस्थान के दिनेश ने 306 अंकों के साथ छठा, टीम अमोघ के ऋषभ ने 303 अंकों के साथ सातवां, गुजरात के मयंक ने 301 अंकों के साथ आठवां, पटाना के दिनेश ने 299 अंकों के साथ नौवां और दिल्ली के आर्यन ने 298 अंकों के साथ दसवां स्थान हासिल किया।

सभी 45 खिलाड़ियों की अंतिम रैंकिंग और उनके द्वारा अर्जित किए गए प्राप्तांकों की पूरी सूची इस प्रकार है:

11वें स्थान पर राजेश भोई (टीम अमोघ, 283 अंक), 12वें स्थान पर मितुल (पटियाला, 281 अंक), 13वें स्थान पर नवीन (सोनीपत, 280 अंक), 14वें स्थान पर रोहन (सोनीपत, 278 अंक), 15वें स्थान पर जदुमणी माझी (टीम अमोघ, 274 अंक), 16वें स्थान पर कृष (झारखंड, 273 अंक), 17वें स्थान पर ज्ञान (यू.पी., 270 अंक), 18वें स्थान पर मार्शल (टीम अमोघ, 268 अंक), 19वें स्थान पर शिव कुमार (अलवर, 267 अंक), 20वें स्थान पर राजाराम मुर्मू (टीम अमोघ, 266 अंक)। रैंकिंग की इस कड़ी में आगे बढ़ते हुए 21वें स्थान पर दिवाकर (जयपुर, 260 अंक), 22वें स्थान पर गुलासन (राजस्थान, 259 अंक), 23वें स्थान पर अंशुल (यू.के., 257 अंक), 24वें स्थान पर रायज (दिल्ली, 255 अंक), 25वें स्थान पर यश (दिल्ली, 253 अंक), 26वें स्थान पर दुर्गेश (यू.के., 252 अंक), 27वें स्थान पर श्याम (झारखंड, 251 अंक), 28वें स्थान पर गोपाल (ओडिशा, 249 अंक), 29वें स्थान पर उज्ज्वल (अलवर, 247 अंक), 30वें स्थान पर रोहन (दिल्ली, 245 अंक)। इसके बाद 31वें स्थान पर आदित्य (अलवर, 243 अंक), 32वें स्थान पर साहिल कौर (पंजाब, 242 अंक), 33वें स्थान पर युवराज सिंह (पंजाब, 240 अंक), 34वें स्थान पर निखाल राणा (राजस्थान, 239 अंक), 35वें स्थान पर विपुल (राजस्थान, 237 अंक), 36वें स्थान पर अमन (दिल्ली, 236 अंक), 37वें स्थान पर सूरज (यू.के., 233 अंक), 38वें स्थान पर दीपू (यू.के., 230 अंक), 39वें स्थान पर सागर (राजस्थान, 220 अंक), 40वें स्थान पर राम कुमार (पटियाला, 217 अंक)। आखिरी पायदानों पर रहे खिलाड़ियों में 41वें स्थान पर आर्यन बिश्नोई (पंजाब, 216 अंक), 42वें स्थान पर हर्ष (यू.के., 205 अंक), 43वें स्थान पर जय कुमार (पटाना, 203 अंक), 44वें स्थान पर उद्यम सिंह (पंजाब, 202 अंक) और सबसे आखिरी यानी 45वें स्थान पर लोकेश (हिसार, 201 अंक) रहे।

व्यक्तिगत मुकाबलों के बाद जब टीम स्पर्धा शुरू हुई तो रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया। इस टीम इवेंट में लोकेंद्र, हिम्मत, ऋषभ और राजेश भोई की चौकड़ी से सजी ‘टीम अमोघ’ ने मैदान मार लिया। कोच विकास सिंह की सटीक और आक्रामक रणनीति की बदौलत इस चौकड़ी ने 923 अंकों का विशाल कुल स्कोर खड़ा किया और पहले स्थान पर रहकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया।

टीम स्पर्धा में उत्तर प्रदेश (UP) की टीम ने भी जोरदार चुनौती पेश की। रोहित, मयंक, आर्यन और यश की उत्तर प्रदेश की टीम ने कुल 909 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया और सिल्वर मेडल अपने नाम किया।तीसरे स्थान के लिए भी कशमकश बेहद दिलचस्प रही।

हरियाणा की टीम (जिसमें राहुल, मितुल, ज्ञान और श्याम शामिल रहे) ने कुल 859 अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल कर ब्रॉन्ज मेडल जीता। इसके बाद चौथे स्थान पर पंजाब की टीम रही, जिसमें शामिल मोहित, नवीन, दिवाकर और सूरज की टीम कुल 847 अंक ही जुटा सकी।

भव्य समापन समारोह के दौरान वहां मौजूद मुख्य अतिथियों और आरजेके फाउंडेशन के आयोजकों ने सभी विजेता खिलाड़ियों और टीमों को मंच पर मेडल, चमचमाती ट्रॉफियां और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सभी अतिथियों ने देश के इन उभरते हुए तीरंदाजों की पीठ थपथपाई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विदाई दी।

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