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उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में अब बाहर की दवा लिखी तो खैर नहीं, मंत्री सुबोध का सख्त अल्टीमेटम

By Rajat Sharma

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पहाड़ों में डॉक्टरों की कमी होगी दूर, यूपी की तर्ज पर बढ़ेगा सीनियर रेजिडेंट्स का वेतन

उत्तराखंड में ‘सफाई, दवाई और भलाई’ का नया मंत्र, एयर एंबुलेंस से पहुंचेंगे विशेषज्ञ डॉक्टर

देहरादून। उत्तराखंड की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने आर-पार का मूड बना लिया है। दून अस्पताल में रविवार को हुई मैराथन बैठक में मंत्री ने साफ कर दिया कि सरकारी अस्पतालों में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि अगर किसी भी सरकारी डॉक्टर ने बाहर की दवा लिखी या अनावश्यक रेफरल किया, तो उन पर सीधी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में 7 राजकीय मेडिकल कॉलेजों और हल्द्वानी स्थित राज्य कैंसर संस्थान की प्रगति रिपोर्ट खंगाली गई। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. अजय आर्या की मौजूदगी में मंत्री ने ‘सफाई, दवाई और भलाई’ का नया मंत्र देते हुए अधिकारियों को जमीनी स्तर पर सुधार के निर्देश दिए।

पहाड़ी क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं को हाई-टेक बनाने के लिए श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में इसी महीने कैथ लैब शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, चारधाम यात्रा मार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए श्रीनगर में एक अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर भी स्थापित किया जाएगा। सरकार ने यह भी तय किया है कि आपातकालीन स्थिति में विशेषज्ञ डॉक्टरों को हेली सेवा के जरिए दुर्गम इलाकों तक पहुंचाया जाएगा।

मंत्री ने फैकल्टी की भारी कमी पर चिंता जताते हुए एक बड़ा ऐलान किया। अब उत्तराखंड में सीनियर रेजिडेंट्स का वेतन उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बढ़ाया जाएगा। वर्तमान में पर्वतीय क्षेत्रों में करीब 70% और देहरादून जैसे शहरों में 40% पद खाली हैं। इस कमी को भरने के लिए सरकार 53 स्थायी संकाय सदस्यों की नियुक्ति को पहले ही मंजूरी दे चुकी है, जिसमें देहरादून के लिए 14 और हल्द्वानी के लिए 19 असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं।

हरिद्वार और पिथौरागढ़ के लोगों के लिए भी राहत की खबर है। हरिद्वार मेडिकल कॉलेज में अगले 15 दिनों के भीतर नियमित ओपीडी सेवाएं शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में इसी शैक्षणिक सत्र से एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू करने के लिए जिला अस्पताल के विशेषज्ञों को ही फैकल्टी के रूप में समायोजित किया जाएगा।

हल्द्वानी स्थित राज्य कैंसर संस्थान में जल्द ही इंडोर सुविधाएं यानी मरीजों के भर्ती होने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही अल्मोड़ा और हल्द्वानी की कैथ लैब के लिए जल्द कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती की जाएगी। डॉक्टरों के रहने के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाने और 108 सेवा की तर्ज पर संस्थागत एम्बुलेंस चलाने का भी निर्णय लिया गया है।

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