भाजपा-कांग्रेस की बढ़ेगी टेंशन? उत्तराखंड में तीसरे मोर्चे के रूप में इस नए दल ने दी दस्तक
सौरभ वत्स को मिली उत्तराखंड की कमान, राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल ने विधानसभा चुनाव के लिए फूंका बिगुल
देहरादून। उत्तराखंड के आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सूबे की सियासी बिसात पर एक नए राजनीतिक खिलाड़ी ने सीधी दस्तक दे दी है। राज्य में लगातार दूसरी बार सत्ता चला रही भारतीय जनता पार्टी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के पारंपरिक मुकाबले के बीच अब राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल ने भी एंट्री मार ली है। पार्टी आलाकमान ने उत्तराखंड में संगठन की कमान सौंपते हुए सौरभ वत्स को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है।
राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) अभिषेक त्यागी ने इस सांगठनिक नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने साफ किया कि पार्टी ने उत्तराखंड की सभी 70 विधानसभा सीटों पर पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ने का शंखनाद कर दिया है। अभिषेक त्यागी के मुताबिक, नए प्रदेश अध्यक्ष सौरभ वत्स को जमीन पर संगठन को मजबूत करने और धार देने की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राज्य में तीसरे मोर्चे की जरूरत को रेखांकित करते हुए नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सौरभ वत्स ने राष्ट्रीय नेतृत्व का आभार जताया है। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीकांत त्यागी और केंद्रीय संगठन के प्रति भरोसा जताने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। वत्स ने रणनीतिक खुलासा करते हुए कहा कि पार्टी बहुत जल्द राज्य के हर एक मतदान केंद्र यानी बूथ स्तर तक अपने सक्रिय कार्यकर्ताओं की फौज खड़ी करेगी।

उत्तराखंड के राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस नए विकल्प के आने से पहाड़ी राज्य का मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है। जहां सत्ताधारी भाजपा तीसरी बार लगातार सरकार बनाने का दावा कर रही है, वहीं कांग्रेस विरोधी लहर के सहारे वापसी की उम्मीद लगाए बैठी है। ऐसे माहौल में राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल का सभी 70 सीटों पर उतरने का फैसला दोनों ही स्थापित दलों के वोट बैंक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।







