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सावधान: खुद को बड़े नेता का PA बताकर चूना लगाने वाला शातिर ठग दून में गिरफ्तार

By Rajat Sharma

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टिकट और पद का झांसा देकर करोड़ों की चपत, दून पुलिस ने बेनकाब किया अंतरराज्यीय ठग गिरोह

देहरादून : उत्तराखंड की राजधानी में सियासी गलियारों में रसूख दिखाकर मोटी रकम ऐंठने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। देहरादून पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है जो खुद को एक राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी के कद्दावर नेता का निजी सचिव (PA) बताकर दिग्गज नेताओं को अपना शिकार बनाता था। एसएसपी देहरादून की सटीक रणनीति के चलते यह जालसाज उस वक्त पुलिस के हत्थे चढ़ा, जब वह एक और बड़ी डील को अंजाम देने की फिराक में था।

राजपुर पुलिस के मुताबिक, इस पूरे खेल का खुलासा तब हुआ जब श्रीमती भावना पांडे ने शिकायत दर्ज कराई। आरोपी ने खुद को कनिष्क सिंह बताकर भावना पांडे को झांसे में लिया और पार्टी में अहम पद दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपए की मांग की। ठगी की हद तो तब हो गई जब 13 अप्रैल 2026 को आरोपी का एक साथी सीधे पीड़िता के आवास ‘पीनाकिल रेजिडेंसी जाखन’ पहुंचा और वहां से नकद पैसे लेकर रफूचक्कर हो गया। इसके बाद जब आरोपी ने फोन उठाना बंद किया, तब पीड़िता को अहसास हुआ कि उनके साथ बड़ा खेल हो गया है।

पुलिस की जांच में सामने आया कि पकड़ा गया आरोपी असल में अमृतसर (पंजाब) का रहने वाला गौरव कुमार है। गौरव ने डिजिटल सेंधमारी का सहारा लेकर ठगी का यह साम्राज्य खड़ा किया था। वह गूगल और ‘Neta.com’ जैसी वेबसाइटों से राजनीतिक हस्तियों और उनके करीबियों का पूरा बायोडाटा निकालता था। पहचान पुख्ता करने के लिए उसने ‘ट्रू-कॉलर’ पर भी असली पीए के नाम से फर्जी प्रोफाइल बना रखी थी, ताकि जब वह किसी को कॉल करे तो सामने वाले को शक की कोई गुंजाइश न रहे।

हैरानी की बात यह है कि गौरव का जाल सिर्फ उत्तराखंड तक ही सीमित नहीं था। पूछताछ में उसने कुबूल किया है कि 2017 में उसने राजस्थान के जयपुर में दो नेताओं को विधानसभा टिकट दिलाने का झांसा देकर उनसे क्रमशः 1 करोड़ 90 लाख और 12 लाख रुपए ठगे थे। इतना ही नहीं, साल 2025 में उसने बिहार के पटना में भी एक नेता से पार्टी पद के नाम पर 3 लाख रुपए डकारे थे। उत्तराखंड में भी वह कांग्रेस के कई बड़े चेहरों के संपर्क में था और उन्हें अपना अगला निशाना बनाने की तैयारी कर रहा था।

गौरव कुमार और उसके तीन साथी—छज्जू, रजत मदान और मनिंदर सिंह कालू—इस पूरे सिंडिकेट को पंजाब से ऑपरेट कर रहे थे। पुलिस ने गौरव के पास से दो मोबाइल फोन और एक डोंगल बरामद किया है, जिनका इस्तेमाल वह डेटा निकालने और कॉलिंग के लिए करता था। जाखन चौकी प्रभारी और एसओजी की संयुक्त टीम ने उसे पैसिफिक मॉल के पास से दबोचा, जहां वह एक और पदाधिकारी से ‘टिकट’ के नाम पर वसूली करने पहुंचा था।

देहरादून पुलिस अब इस गिरोह के बाकी तीन सदस्यों की तलाश में पंजाब और अन्य राज्यों में दबिश दे रही है। साथ ही उन अन्य नेताओं की भी सूची तैयार की जा रही है जो इस ठग के झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा चुके हैं।

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