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Night Puja Rules : रात की पूजा में ये भूल आपके लिए बन सकती है अशुभ संकेत, जानें सही नियम

By Rajat Sharma

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Night Puja Rules : सनातन धर्म में यह मान्यता है कि भगवान का स्मरण या पूजा किसी भी समय किया जा सकता है। ईश्वर हर क्षण भक्त के हृदय में विराजमान रहते हैं और उनके नाम का जप कभी भी शुभ फल देता है।

फिर भी, शास्त्रों में पूजा-पाठ से जुड़े कुछ विशेष नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करने से पूजा अधिक फलदायी मानी जाती है।

खासकर रात के समय पूजा करते हुए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी बताया गया है।

रात की पूजा में क्यों ज़रूरी है सावधानी?

मान्यता है कि रात के समय देवता विश्राम अवस्था में रहते हैं। ऐसे में पूजा-पाठ करते समय थोड़ी-सी भी असावधानी पूजा के प्रभाव को कम कर सकती है।

यदि भक्त कुछ बातों का ध्यान रखे तो रात की गई पूजा भी उतनी ही मंगलकारी होती है, जितनी दिन की।

रात में शंख क्यों नहीं बजाना चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्यास्त के बाद शंख बजाना अशुभ माना गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि माना जाता है कि देवता रात में विश्राम करते हैं और शंख की आवाज़ उनके आराम में विघ्न डालती है।

हालांकि दीवाली, जन्माष्टमी या नवरात्रि जैसे विशेष अवसरों पर रात में शंख बजाना वर्जित नहीं है।

रात में न करें सूर्य देव की पूजा

सूर्य देव को दिन का अधिष्ठाता देवता कहा गया है। इसलिए रात्रि की पूजा में उनकी आराधना निषेध मानी गई है। सूर्य की पूजा हमेशा प्रातः कालीन समय में ही शुभ फल देती है।

रात में न तोड़ें तुलसी के पत्ते

तुलसी माता को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना गया है। मान्यता है कि सूर्यास्त के बाद तुलसी का पत्ता तोड़ना अपवित्र माना जाता है और इससे तुलसी माता अप्रसन्न हो सकती हैं।

इसलिए यदि रात की पूजा में तुलसी पत्र की आवश्यकता हो तो उसे सूर्यास्त से पहले ही तोड़कर सुरक्षित रख लेना चाहिए।

दूर्वा और अन्य पौधों से जुड़ी मान्यता

हिंदू ग्रंथों में कहा गया है कि रात में किसी भी वनस्पति को तोड़ना अशुभ होता है। लेकिन चूँकि गणेश जी को दूर्वा अत्यंत प्रिय है, इसलिए भक्तों को दूर्वा भी सूर्यास्त से पहले ही तोड़कर रखनी चाहिए।

शास्त्रों के अनुसार पूजा का कोई निर्धारित समय नहीं है, लेकिन रात की पूजा में नियमों और मान्यताओं का पालन करना बेहद महत्वपूर्ण है।

ऐसा करने से पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है और ईश्वर की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

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