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Private Sector : 9 घंटे की नौकरी हुई खत्म, प्राइवेट नौकरी करने वालों को अब 12 घंटे करना होगा काम

By Rajat Sharma

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Private Sector : महाराष्ट्र सरकार ने प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है, जिससे लाखों नौकरीपेशा लोगों की जिंदगी पर असर पड़ सकता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) की अगुवाई वाली सरकार ने काम के घंटों (working hours) को लेकर नियमों में बदलाव को मंजूरी दी है। अब प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों को रोजाना 9 घंटे की बजाय 10 घंटे तक काम करना होगा।

इतना ही नहीं, सरकार की योजना इसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 12 घंटे तक करने की है। यह नियम निजी कंपनियों (private companies) पर लागू होगा। आइए, जानते हैं कि इस बदलाव का क्या मतलब है और इसका कर्मचारियों पर क्या असर पड़ेगा।

काम के घंटे बढ़ने का क्या होगा असर?

नए नियम के तहत, प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को अब रोजाना 10 घंटे तक काम करना होगा, जो पहले 9 घंटे था। सरकार की योजना है कि इसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 12 घंटे तक किया जाए। इसके साथ ही, कर्मचारियों को अब 5 घंटे के बजाय 6 घंटे बाद आराम का समय मिलेगा। ओवरटाइम (overtime) की सीमा को भी बढ़ाया गया है।

पहले यह तिमाही में 115 घंटे थी, जिसे अब बढ़ाकर 144 घंटे कर दिया गया है। हालांकि, ओवरटाइम के लिए कर्मचारियों की लिखित सहमति जरूरी होगी। इसका मतलब है कि अगर कोई कर्मचारी अतिरिक्त घंटे काम करना चाहता है, तो उसे पहले अपनी मंजूरी देनी होगी।

कर्मचारियों की चिंता 

मुंबई और महाराष्ट्र के कई युवा और नौकरीपेशा लोग इस फैसले से परेशान हैं। उनका कहना है कि अगर काम के घंटे (working hours) 12 घंटे तक हो गए, तो वे अपने परिवार को समय नहीं दे पाएंगे। लंबे समय तक काम करने से मानसिक स्वास्थ्य (mental health) पर बुरा असर पड़ सकता है। तनाव बढ़ने और सेहत खराब होने का डर भी कर्मचारियों को सता रहा है।

कई लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि क्या कंपनियां ओवरटाइम (overtime) के लिए पूरा भुगतान करेंगी या इसमें भी कोई कटौती होगी। कर्मचारियों का मानना है कि सरकार को इस फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए ताकि उनकी निजी जिंदगी और काम के बीच संतुलन बना रहे।

मजदूर संघ की मांग 

मुंबई में कर्मचारियों और मजदूरों के हितों के लिए काम करने वाली धड़क कामगार यूनियन ने इस फैसले पर सख्त नाराजगी जताई है। यूनियन के अध्यक्ष अभिजीत राणे ने कहा कि अगर सरकार कर्मचारियों से ज्यादा घंटे काम करवाना चाहती है, तो उन्हें अतिरिक्त भत्ते और बेहतर सुविधाएं भी देनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) से इस मुद्दे पर बात करने की बात कही है ताकि कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखा जाए।

साथ ही, राणे ने सरकार से रोजगार सुरक्षा (job security) और स्टार्टअप कंपनियों (startup companies) को बढ़ावा देने की मांग भी की है। उनका कहना है कि कर्मचारियों के लिए बेहतर कामकाजी माहौल और आर्थिक सुरक्षा जरूरी है।

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