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Pitru Paksha Shradh Puja : श्राद्ध और तर्पण के बिना अधूरा है पितृपक्ष, जानिए सही विधि और महत्व

By Rajat Sharma

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Pitru Paksha Shradh Puja : 7 सितंबर से पितृ पक्ष की शुरुआत हो चुकी है, जो 21 सितंबर तक चलेगा। इस पूरे पखवाड़े को अपने पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर माना जाता है।

हिंदू धर्म में पितरों के लिए श्राद्ध और तर्पण करना बेहद जरूरी बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार यदि पितर प्रसन्न हों तो परिवार में सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है।

वहीं, जो लोग श्रद्धा और नियमपूर्वक श्राद्ध करते हैं, उन्हें पितृ दोष से भी मुक्ति मिलती है।

तीन पीढ़ियों तक श्राद्ध का विधान

धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि पिता को वसु देवता, दादा को रुद्र देवता और परदादा को आदित्य देवता मानकर श्राद्ध किया जाना चाहिए।

इस परंपरा के अनुसार हर परिवार को कम से कम अपने पिता, दादा और परदादा तक का श्राद्ध अवश्य करना चाहिए।

श्राद्ध में आवश्यक सामग्री

पितृ पक्ष में तर्पण और श्राद्ध के समय कुछ खास सामग्रियों का प्रयोग किया जाता है, जैसे – तिल, जौ, कुशा, गेहूं, उड़द दाल, मूंग, धान, मटर, कचनार, सरसों, आम की हवन लकड़ी, सुपारी, घी, शहद और पान का पत्ता।

मान्यता है कि पूजन और दान के बाद ब्राह्मणों को वस्त्र (जैसे धोती, गमछा आदि) और दक्षिणा देने से यह सब सामग्री पितरों तक पहुँचती है।

श्राद्ध और तर्पण का महत्व

धर्मग्रंथों में तर्पण और श्राद्ध को पितृ ऋण चुकाने का सबसे बड़ा साधन बताया गया है।

वर्ष के जिस दिन किसी पितृ का निधन हुआ हो, पितृ पक्ष में उसी तिथि पर श्राद्ध करना श्रेष्ठ माना जाता है।

इस दौरान तर्पण, ब्राह्मण भोजन और दान को मिलाकर श्राद्ध कहा जाता है।

इसे पितृ यज्ञ भी कहा गया है।

मार्कंडेय पुराण के अनुसार, श्राद्ध से प्रसन्न होकर पितर अपने वंशजों को दीर्घायु, संतान सुख, धन, ज्ञान, सभी प्रकार की समृद्धि और अंत में मोक्ष तक का आशीर्वाद देते हैं।

पितृ पक्ष 2025 श्राद्ध तिथियां

पूर्णिमा श्राद्ध – 07 सितंबर 2025, रविवार

प्रतिपदा श्राद्ध – 08 सितंबर 2025, सोमवार

द्वितीया श्राद्ध – 09 सितंबर 2025, मंगलवार

तृतीया श्राद्ध – 10 सितंबर 2025, बुधवार

चतुर्थी श्राद्ध – 10 सितंबर 2025, बुधवार

पंचमी श्राद्ध व महा भरणी – 11 सितंबर 2025, गुरुवार

षष्ठी श्राद्ध – 12 सितंबर 2025, शुक्रवार

सप्तमी श्राद्ध – 13 सितंबर 2025, शनिवार

अष्टमी श्राद्ध – 14 सितंबर 2025, रविवार

नवमी श्राद्ध – 15 सितंबर 2025, सोमवार

दशमी श्राद्ध – 16 सितंबर 2025, मंगलवार

एकादशी श्राद्ध – 17 सितंबर 2025, बुधवार

द्वादशी श्राद्ध – 18 सितंबर 2025, गुरुवार

त्रयोदशी व मघा श्राद्ध – 19 सितंबर 2025, शुक्रवार

चतुर्दशी श्राद्ध – 20 सितंबर 2025, शनिवार

सर्वपितृ अमावस्या – 21 सितंबर 2025, रविवार

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