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Swiggy Price Difference : स्विगी पर चिकन बिरयानी और पराठे इतने महंगे, एक्सपर्ट्स ने बताया कारण

By Rajat Sharma

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Swiggy Price Difference : आजकल खाना ऑनलाइन मंगवाना काफी आम हो गया है। लेकिन हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने कई लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। एक ग्राहक ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि उसने जो खाना Swiggy से ऑर्डर किया, उसका बिल रेस्टोरेंट से सीधे खाना खरीदने की तुलना में लगभग 80% ज्यादा था। यानी जो खाना रेस्टोरेंट में 810 रुपये का पड़ा, वही Swiggy पर 1,473 रुपये का है। यह बड़ा फर्क लोगों के लिए चौंकाने वाला है।

हर आइटम के दाम में बड़ा फर्क

ग्राहक ने Swiggy से सवाल करते हुए अपने पोस्ट में लिखा, ‘@Swiggy ऐप से खाना ऑर्डर करना, सिर्फ 2 किलोमीटर दूर स्थित उसी आउटलेट से वही खाना खरीदने से 81% महंगा क्यों है? क्या यही सर्विस की असली कीमत है? मुझे खाना डिलीवर करवाने के लिए 663 रुपए अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं।’

ग्राहक ने चार चीजों की कीमतों की तुलना की। 10 पराठों का रेस्टोरेंट वाला बिल था 180 रुपये, जबकि Swiggy पर वो 350 रुपये का पड़ा। चिकन 65 रेस्टोरेंट में 150 रुपये था, लेकिन ऐप पर यह 240 रुपये का था। चिकन लॉलीपॉप की प्लेट रेस्टोरेंट में 200 रुपये की थी जबकि ऐप पर 320 रुपये की। इसी तरह चिकन थोक्कू बिरयानी भी Swiggy पर रेस्टोरेंट के रेट 280 रुपये के बजाय 460 रुपये में बिक रही थी।

बड़ी बात यह है कि ये फर्क सिर्फ डिलीवरी शुल्क की वजह से नहीं, बल्कि खुद प्लेटफॉर्म और रेस्टोरेंट की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से था। Swiggy जैसे फूड डिलीवरी ऐप्स पर यह समस्या अक्सर देखने को मिलती है, जहां base price ही ज्यादा लगाया जाता है।

सोशल मीडिया यूजर्स ने क्या कहा?

इस मामले पर सोशल मीडिया यूजर्स ने खूब चर्चा की। एक यूजर ने कहा कि ये कंपनियां ज्यादा चार्ज इसलिए करती हैं क्योंकि उनका मार्केट पर कब्जा है। Swiggy और Zomato के मुकाबले दूसरी कंपनियां टिक नहीं पा रही हैं। कई लोगों ने बताया कि रेस्टोरेंट ही ऑनलाइन मेन्यू की कीमतें बढ़ाते हैं, और Swiggy अपनी डिलीवरी फीस जोड़ देता है।

कुछ यूजर्स का मानना है कि रेस्टोरेंट्स खुद डिलीवरी शुरू करें तो खाने के दाम कम हो सकते हैं। कुल मिलाकर, यूजर्स का कहना है कि फूड डिलीवरी ऐप्स की यह pricing strategy आम आदमी के लिए बोझ बन रही है।

क्यों बढ़ जाती हैं ऑनलाइन ऑर्डर की कीमतें?

Swiggy और Zomato जैसी फूड डिलीवरी ऐप्स का कहना है कि वे खुद कीमतें तय नहीं करते। रेस्टोरेंट्स को ऑनलाइन और ऑफलाइन कीमतें अलग-अलग रखने की आजादी होती है। इसका मतलब है कि रेस्टोरेंट ऑनलाइन ऑर्डर के लिए ज्यादा दाम तय कर देते हैं। इसके अलावा ऐप्स अपनी सर्विस फीस और डिलीवरी चार्ज भी जोड़ते हैं।

इस तरह कुल मिलाकर ऑनलाइन खाना महंगा हो जाता है। फूड डिलीवरी ऐप्स पर यह extra cost कई बार hidden charges के रूप में आता है, जो ग्राहकों को बाद में पता चलता है।

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