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Delhi Ring Road : नितिन गडकरी की बड़ी घोषणा, दिल्ली-हरियाणा-यूपी को जोड़ेगा नया रिंग रोड

By Rajat Sharma

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Delhi Ring Road : दिल्ली में जल्द ही एक नया छह लेन का रिंग रोड (Ring Road) बनने वाला है, जो शहर की ट्रैफिक समस्या को जड़ से खत्म करने का वादा करता है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Union Minister Nitin Gadkari) के बीच हुई अहम बातचीत के बाद, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस मेगा प्रोजेक्ट का खाका तैयार कर लिया है।

इस रिंग रोड का मकसद दिल्ली में बढ़ती भीड़ को कम करना और प्रदूषण पर लगाम लगाना है। यह रिंग रोड उन वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ता देगा, जो दिल्ली में प्रवेश किए बिना एक शहर से दूसरे शहर तक जाते हैं। इससे दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और हवा भी साफ रहेगी।

तीन राज्यों को जोड़ेगा यह रिंग रोड

यह नया रिंग रोड (Ring Road) दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा (Haryana) को आपस में जोड़ेगा। इससे तीनों राज्यों के कई शहरों को सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। जैसे ही इस प्रोजेक्ट की घोषणा हुई, लोगों के बीच उत्साह बढ़ गया है। हर कोई जानना चाहता है कि यह रिंग रोड (Ring Road) किन-किन शहरों को जोड़ेगा और इसका फायदा कैसे मिलेगा। आइए, हम आपको इस खबर में विस्तार से बताते हैं कि यह रिंग रोड आपके लिए क्या लेकर आएगा।

इन शहरों को मिलेगी शानदार कनेक्टिविटी

इस रिंग रोड को दो चरणों में बनाया जाएगा। पहले चरण में यह उत्तरी दिल्ली के अलीपुर से शुरू होकर गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी होते हुए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) के पास मंडुला तक जाएगा। दूसरे चरण में यह हाईवे मंडुला से शुरू होकर घिटोरा, फारुखनगर और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (Delhi-Meerut Expressway) से होते हुए नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे (Noida-Greater Noida Expressway) पर खत्म होगा।

यह रिंग रोड (Ring Road) हरियाणा (Haryana), राजस्थान और उत्तराखंड के बीच चलने वाले ट्रैफिक को डायवर्ट करेगा। इससे एनएच-48, एनएच-44, मौजूदा रिंग रोड और बारापुला कॉरिडोर पर भीड़ कम होगी। गाजियाबाद, नोएडा (Noida) और दिल्ली (Delhi) के बीच ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए NHAI एक हाई-स्पीड बाईपास भी बनाएगा।

यह बाईपास दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (Delhi-Meerut Expressway), कालिंदी कुंज और सराय काले खां पर जाम की समस्या को हल करेगा। साथ ही, बागपत, लोनी और गाजियाबाद जैसे शहरों को जोड़कर दिल्ली के बाहरी रिंग रोड पर वाहनों का बोझ कम होगा।

कितना आएगा खर्च?

NHAI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस मेगा प्रोजेक्ट (Project) को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 17 किलोमीटर लंबा हाईवे 3,350 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा, जो यूईआर-2 को ट्रोनिका सिटी के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) से जोड़ेगा।

दूसरे चरण में 7,500 करोड़ रुपये की लागत से 65 किलोमीटर लंबा हाईवे (Highway) बनाया जाएगा। यह हाईवे मंडुला से गाजियाबाद (Ghaziabad), घिटोरा, फारुखनगर, हिडन और इंदिरापुरम होते हुए नोएडा तक जाएगा। कुल मिलाकर, दोनों चरणों में 82 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर 10,850 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

क्या होगा फायदा?

यह रिंग रोड (Ring Road) न सिर्फ दिल्ली की ट्रैफिक समस्या को हल करेगा, बल्कि तीन राज्यों के बीच आवागमन को आसान बनाएगा। इससे नोएडा (Noida), गाजियाबाद (Ghaziabad) और हरियाणा (Haryana) के लोगों को तेज और सुविधाजनक कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही, प्रदूषण में कमी और सड़कों पर कम जाम से दिल्लीवासियों को राहत मिलेगी।

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