Ganesh Ji Mantra : भगवान गणेश को हिंदू धर्म में प्रथम पूजनीय माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनकी पूजा-अर्चना के बिना अधूरी मानी जाती है।
भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है, क्योंकि वे जीवन में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करते हैं। इसके साथ ही वे बुद्धि, ज्ञान और समृद्धि के प्रतीक भी हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता-पिता की परिक्रमा करने और बुद्धि के माध्यम से श्रेष्ठता प्राप्त करने के कारण उन्हें “प्रथम पूज्य” की उपाधि मिली।
जिनके जीवन पर भगवान गणेश की कृपा होती है, उनका जीवन सुखमय और समृद्धिपूर्ण हो जाता है।
भगवान गणेश को प्रसन्न करने के आसान उपाय
रोजाना गणेश जी की पूजा करें।
उन्हें भोग और फल-फूल अर्पित करें।
आरती के दौरान मन में शांति और भक्ति बनाए रखें।
भगवान गणेश आरती
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
एकदंत, दयावंत, चार भुजाधारी,
माथे सिंदूर सोहे, मूष की सवारी।
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा,
लड्डुओं का भोग लगे, संत करें सेवा।
अंधों को आँख देत, कोढ़िन को काया,
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया।
सूर-श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
दीनों की लाज रखें, शंभु सुतकारी,
कामनाओं को पूर्ण करें, जय बलिहारी।
सुखकर्ता दुःखहर्ता, वार्ता विघ्नाची,
सर्वांग सुन्दर, उटि शेंदुराची।
जय देव, जय देव, जय मंगलमूर्ति,
दर्शन मात्रे मनकामना पूरी।
लंबोदर पीताम्बर, फणिवर बंधना,
सरल सूंड, वक्रतुण्ड, त्रिनयना।
दास रामाचा वाट पाहे सदना,
संकट पावें, निर्वाणी रक्षावे सुरवरवंदना।
जय देव, जय देव, जय मंगलमूर्ति,
दर्शन मात्रे मनकामना पूरी।
भगवान गणेश की भक्ति से न केवल जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, बल्कि सुख, शांति और समृद्धि भी बनी रहती है। उनकी पूजा नियमित करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है।











