देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को पूर्व राष्ट्रपति, महान दार्शनिक और भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की 138वीं जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक सादे समारोह में उन्होंने डॉ. राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके अतुलनीय योगदान को याद किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन ने अपने जीवनकाल में शिक्षा के महत्व को सर्वोपरि रखा और समाज में नैतिक मूल्यों, ज्ञान और संस्कारों का प्रकाश फैलाया। उन्होंने कहा, “डॉ. राधाकृष्णन का जीवन दर्शन हम सभी के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। उनका मानना था कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि एक चरित्रवान और जिम्मेदार नागरिक बनाने की प्रक्रिया है।”
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने देश भर के समस्त शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे राष्ट्र निर्माण के सबसे सशक्त स्तंभ हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि शिक्षकों के बिना किसी भी समाज की प्रगति संभव नहीं है। उन्होंने कहा, “शिक्षक हमारी आने वाली पीढ़ी को सही दिशा और भविष्य प्रदान करते हैं। वे हमारे बच्चों के जीवन में ज्ञान का दीप जलाकर उन्हें अज्ञानता के अंधकार से बाहर निकालते हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार शिक्षकों के सम्मान और उनके उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी शिक्षकों से आग्रह किया कि वे डॉ. राधाकृष्णन के आदर्शों पर चलते हुए नई पीढ़ी के भविष्य को और उज्ज्वल बनाने में अपना योगदान दें।







