देश विदेश क्राइम उत्तराखंड मनोरंजन बिज़नेस ऑटो टेक्नोलॉजी खेल धर्म हेल्थ लाइफस्टाइल ई - पेपर

MCLR : PNB और BOI ने घटाए लोन रेट, EMI पर मिलेगी सीधी राहत

By Rajat Sharma

Published on:


MCLR : बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है! पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और बैंक ऑफ इंडिया (BoI) ने अपने Marginal Cost of Funds-Based Lending Rate (MCLR) में कटौती का ऐलान किया है। इसका मतलब है कि अगर आपका होम लोन, पर्सनल लोन या ऑटो लोन MCLR से जुड़ा है, तो अब आपकी EMI पहले से कम हो सकती है।

यह बदलाव 1 सितंबर 2025 से लागू हो चुका है। यानी अब आपके लोन का बोझ थोड़ा हल्का होने वाला है।

हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 6 अगस्त 2025 को अपनी मौद्रिक नीति बैठक में रेपो रेट को 5.5% पर स्थिर रखा था। इसके बावजूद PNB और BoI ने अपने ग्राहकों को बड़ा तोहफा देते हुए MCLR में कटौती की है। यह कदम उन लोगों के लिए राहत भरा है जो लोन की ऊंची ब्याज दरों से परेशान थे।

PNB ने दी बड़ी सौगात

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने अपने MCLR में अलग-अलग अवधि (टेन्योर) के लिए 5 से 15 बेसिस प्वॉइंट (bps) तक की कटौती की है। आइए, नजर डालते हैं

नए रेट्स पर:

  • ओवरनाइट MCLR: 8.15% से घटकर 8.00%
  • 1 महीने का MCLR: 8.30% से घटकर 8.25%
  • 3 महीने का MCLR: 8.50% से घटकर 8.45%
  • 6 महीने का MCLR: 8.70% से घटकर 8.65%
  • 1 साल का MCLR: 8.85% से घटकर 8.80%
  • 3 साल का MCLR: 9.15% से घटकर 9.10%

यह कटौती उन ग्राहकों के लिए खास है जो PNB से लोन ले चुके हैं और उनकी EMI MCLR से जुड़ी है।

बैंक ऑफ इंडिया ने भी दिखाई दरियादिली

बैंक ऑफ इंडिया (BoI) ने भी अपने ग्राहकों को राहत देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। BoI ने लगभग सभी अवधियों के लिए MCLR में कटौती की है, हालांकि

ओवरनाइट MCLR 7.95% पर पहले जैसा ही रहेगा। नए रेट्स इस तरह हैं:

  • 1 महीने का MCLR: 8.40% से घटकर 8.30%
  • 3 महीने का MCLR: 8.55% से घटकर 8.45%
  • 6 महीने का MCLR: 8.80% से घटकर 8.70%
  • 1 साल का MCLR: 8.90% से घटकर 8.85%
  • 3 साल का MCLR: 9.15% से घटकर 9.00%

यह बदलाव ग्राहकों के लिए एक सुनहरा मौका है, खासकर उन लोगों के लिए जो Bank of India से लोन ले चुके हैं।

MCLR क्या है और क्यों है जरूरी?

Marginal Cost of Funds-Based Lending Rate (MCLR) एक ऐसा बेंचमार्क है, जिसके आधार पर बैंक अपने फ्लोटिंग-रेट लोन जैसे होम लोन, पर्सनल लोन और कार लोन की ब्याज दर तय करते हैं। हालांकि, अब नए लोन ज्यादातर External Benchmark Lending Rate (EBLR) से लिंक होते हैं। लेकिन अगर आपका पुराना लोन MCLR से जुड़ा है, तो आप चाहें तो इसे EBLR में बदल सकते हैं। इसके लिए अपने बैंक से संपर्क करें।

EMI में कितनी होगी बचत?

MCLR में इस कटौती का सीधा असर आपकी EMI पर पड़ेगा। उदाहरण के लिए, अगर आपका 30 लाख रुपये का होम लोन है, तो MCLR में 10-15 बेसिस प्वॉइंट की कटौती से आपकी सालाना बचत लगभग 2,500 से 3,000 रुपये तक हो सकती है। यह राशि भले ही छोटी लगे, लेकिन लंबे समय में यह आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।

अब क्या करें?

अगर आप PNB या BoI के ग्राहक हैं और आपका लोन MCLR से जुड़ा है, तो अपने बैंक से संपर्क करके नई ब्याज दरों और EMI की जानकारी ले सकते हैं। अगर आप EBLR में शिफ्ट करना चाहते हैं, तो इसके फायदे और नुकसान के बारे में भी बैंक से सलाह लें। यह मौका है अपने लोन के बोझ को कम करने का, तो देर न करें!

Leave a Comment