देश विदेश क्राइम उत्तराखंड मनोरंजन बिज़नेस ऑटो टेक्नोलॉजी खेल धर्म हेल्थ लाइफस्टाइल ई - पेपर

Purple Potato For Health : नीलकंठ आलू खाने वालों को मिलते हैं तगड़े एंटीऑक्सीडेंट, कर सकता है गंभीर बीमारियों से बचाव

By Rajat Sharma

Updated on:


Purple Potato For Health : डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि हमारी सेहत का लगभग 80% हिस्सा हमारी डायट पर निर्भर करता है।

यानी हम रोज़ाना अपनी थाली में क्या चुनते हैं, उसी पर हमारी हेल्थ का भविष्य टिका होता है। अक्सर यह जानना मुश्किल हो जाता है कि कौन-सी सब्जियां और फल हमारे लिए ज्यादा फायदेमंद हैं। लेकिन एक आसान तरीका है—उनका रंग।

गहरे हरे या बैंगनी रंग की सब्जियां और फल आमतौर पर एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। हम सभी ने सफेद और लाल आलू तो खूब खाए होंगे, लेकिन क्या आपने कभी बैंगनी रंग का आलू देखा है?

भारत में इसे नीलकंठ आलू कहा जाता है। रिसर्च के अनुसार, इस खास आलू में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को कई गंभीर बीमारियों से बचाने में मददगार हो सकते हैं।

नीलकंठ आलू क्यों है खास?

प्रकृति ने हमें तरह-तरह की रंग-बिरंगी सब्जियां दी हैं, जिनमें छुपे होते हैं जरूरी पोषक तत्व। बैंगनी या नीले रंग की सब्जियों-फलों को अक्सर सुपरफूड माना जाता है।

जैसे – ब्लूबेरी और पर्पल कैबेज। इनमें मौजूद एंथोसाइनिन्स शरीर के लिए बेहद लाभकारी होते हैं।

अगर आपको लगता है कि आलू सेहत के लिए नुकसानदायक है, तो आपको नीलकंठ आलू जरूर ट्राय करना चाहिए। क्योंकि यह न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि इसमें स्टार्च कम और हेल्दी कंपाउंड्स ज्यादा पाए जाते हैं।

शुगर और दिल के मरीजों के लिए फायदेमंद

आम आलू की तुलना में नीलकंठ आलू का ग्लाइसीमिक इंडेक्स कम होता है। यानी शुगर लेवल अचानक नहीं बढ़ता।

यही वजह है कि यह डायबिटीज़ मरीजों के लिए भी ज्यादा नुकसानदायक नहीं है।

इसमें मौजूद पॉलीफिनॉल्स और एंथोसाइनिन्स दिल को हेल्दी रखते हैं और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

सफेद आलू से 3 गुना ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट्स

नीलकंठ आलू को खास बनाता है इसका न्यूट्रिशन प्रोफाइल। इसमें सफेद या पीले आलू की तुलना में तीन गुना ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं।

ये हमारी कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं, आंखों की रोशनी के लिए अच्छे होते हैं और कैंसर जैसी बीमारियों से सुरक्षा देने की क्षमता रखते हैं।

रिसर्च क्या कहती है?

एक स्टडी में पाया गया कि जब कैंसर सेल्स को पर्पल आलू के एक्सट्रैक्ट से ट्रीट किया गया तो उनकी ग्रोथ काफी हद तक रुक गई। कुछ मामलों में तो कैंसर सेल्स मर भी गए।

हालांकि, यह रिसर्च अभी तक लैब एनिमल्स पर की गई है, इंसानों पर इसके असर को लेकर और स्टडी की जरूरत है।

अगर आप हेल्दी और रंगीन विकल्प ढूंढ रहे हैं, तो अपनी डाइट में नीलकंठ आलू को जरूर शामिल करें। यह न सिर्फ स्वादिष्ट है, बल्कि आपकी सेहत को कई गंभीर बीमारियों से भी बचा सकता है।

Leave a Comment