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DM Savin Bansal : देहरादून में आपराधिक मामलों की समीक्षा बैठक, डीएम बोले – दोषियों को समय पर मिले सजा

By Rajat Sharma

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DM Savin Bansal : देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने बुधवार को एक अहम समीक्षा बैठक की, जिसमें सत्र और अपर सत्र न्यायालयों में लंबित आपराधिक मामलों की स्थिति पर गहन चर्चा हुई। डीएम ने शासकीय अधिवक्ताओं को सख्त निर्देश दिए कि वे लंबित मामलों के कारणों को स्पष्ट करें और उनके जल्द निपटारे के लिए तुरंत कदम उठाएं। उनका मकसद है कि देहरादून में आपराधिक मामलों का तेजी से निस्तारण हो, ताकि न्याय प्रणाली और मजबूत हो।

लंबित मामलों पर डीएम की पैनी नजर

बैठक में जिलाधिकारी ने लंबित मामलों की स्थिति, गवाहों की उपलब्धता और न्यायालयों में हो रही पैरवी की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने शासकीय अधिवक्ताओं से कहा कि हर मामले में समय पर साक्ष्य पेश किए जाएं और गवाहों की मौजूदगी सुनिश्चित हो। खास तौर पर आपराधिक मामलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। डीएम ने यह भी कहा कि जिन मामलों में अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है, उन पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

दोषियों को सजा दिलाने की मुहिम

जिलाधिकारी सविन बंसल ने जोर देकर कहा कि कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए दोषियों को समय पर सजा दिलाना बेहद जरूरी है। उन्होंने लंबित मामलों के कारणों को स्पष्ट करने और उनका तेजी से समाधान करने के लिए कड़े निर्देश दिए। डीएम ने यह भी ऐलान किया कि अब हर महीने लंबित और विचाराधीन मामलों की प्रगति की समीक्षा के लिए बैठक होगी, ताकि कोई भी मामला अनावश्यक रूप से लटके नहीं।

कितने मामले हैं लंबित?

संयुक्त निदेशक विधि और जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि देहरादून के विभिन्न न्यायालयों में कई मामले विचाराधीन हैं। इनमें बड्स न्यायालय के तहत जेल में बंद 5 विचाराधीन बंदियों के मामले, गैंगस्टर न्यायालय में 7, सत्र न्यायालय में 28, पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में 38, एफटीएससी में 41, एनडीपीसी एक्ट के 19, पॉक्सो के 81, अपर सत्र न्यायालय विकासनगर में 18 और ऋषिकेश में 11 मामले शामिल हैं। इन सभी मामलों में सुनवाई चल रही है।

बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?

इस अहम बैठक में अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) जय भारत सिंह, एसडीएम अपूर्वा सिंह, संयुक्त निदेशक विधि गिरीश चंद्र पंचोली, जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) जीपी रतूडी सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद थे। यह बैठक देहरादून में न्याय प्रणाली को और तेज करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

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