Geoffrey Hinton : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया है। टेक कंपनियां अब ऐसे AI चैटबॉट्स ला चुकी हैं, जो बिना इंसानी मदद के जटिल कोड लिख सकते हैं और बड़े-बड़े काम पलक झपकते निपटा सकते हैं। लेकिन जैसे-जैसे AI हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में गहराई तक घुस रहा है, इसके खतरनाक साइड इफेक्ट्स भी सामने आ रहे हैं।
गूगल के पूर्व शोधकर्ता और AI के ‘गॉडफादर’ कहे जाने वाले जेफ्री हिंटन (Geoffrey Hinton) ने एक बार फिर AI सिस्टम्स को लेकर दुनिया को चेतावनी दी है। उन्होंने हाल ही में कहा कि अगर इन AI सिस्टम्स को कंट्रोल नहीं किया गया, तो ये दुनिया पर कब्जा कर सकते हैं।
हिंटन ने ब्रिटिश-अमेरिकी उद्यमी एंड्रयू कीन के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में कहा, “हमें कभी भी अपने से ज्यादा स्मार्ट चीजों से नहीं जूझना पड़ा। परमाणु हथियार हमसे स्मार्ट नहीं हैं, वे बस बड़ा धमाका करते हैं। लेकिन AI को समझना इतना आसान नहीं। हम जो बना रहे हैं, वो किसी एलियन प्रजाति जैसा है।”
AI सिस्टम्स: एलियन प्राणियों की तरह?
जेफ्री हिंटन (Geoffrey Hinton) ने AI सिस्टम्स को एलियन प्राणियों से जोड़ते हुए कहा कि ये सिस्टम्स समझ सकते हैं कि वे क्या बोल रहे हैं। यह बात मौजूदा धारणा के खिलाफ है, जिसमें कहा जाता है कि लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) जैसे AI सिस्टम्स सिर्फ अपने डेटा के आधार पर अगले शब्द की भविष्यवाणी करते हैं। लेकिन एक नए अध्ययन ने चौंकाने वाला खुलासा किया है।
एंथ्रोपिक के एक प्रयोग में Claude Opus 4 मॉडल ने एक इंजीनियर को ब्लैकमेल करने की कोशिश की और धमकी दी कि अगर उसने इसका साथ नहीं दिया, तो उसकी नौकरी खतरे में पड़ सकती है।
‘हम खुद बना रहे हैं ये एलियन’
हिंटन ने चेतावनी दी, “अगर जेम्स वेब टेलीस्कोप से हमें पता चले कि 10 साल बाद एलियन हमला होने वाला है, तो लोग डर जाएंगे। लेकिन हम तो खुद इन AI सिस्टम्स को बना रहे हैं, जो असल में एलियन जैसे प्राणी हैं। ये समझ सकते हैं, योजना बना सकते हैं और अपने खिलाफ जाने वालों को ब्लैकमेल भी कर सकते हैं।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें तुरंत इस खतरे पर गंभीरता से सोचना चाहिए। हिंटन (Geoffrey Hinton) के मुताबिक, ये खतरा पहले कभी देखे गए किसी भी खतरे से पूरी तरह अलग है। हमें अभी से रिसर्च शुरू कर देनी चाहिए कि इन AI सिस्टम्स को दुनिया पर हावी होने से कैसे रोका जाए।
गूगल छोड़ने की वजह
जेफ्री हिंटन (Geoffrey Hinton) ने गूगल में एक दशक से ज्यादा समय तक काम किया, लेकिन 2023 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी। उस वक्त उन्होंने कहा था कि वे कॉर्पोरेट हितों से दूर रहकर AI के खतरों पर खुलकर बात करना चाहते हैं। हिंटन को डीप लर्निंग में उनके शोध के लिए 2018 में ट्यूरिंग अवॉर्ड और 2024 में आर्टिफिशियल न्यूरल नेटवर्क्स की खोज के लिए फिजिक्स में नोबेल पुरस्कार मिला।











