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Income Tax Rules : कैशबैक मिलने पर भी आ सकता है टैक्स नोटिस, जानिए कैसे बचें परेशानी से

By Rajat Sharma

Updated on:


Income Tax Rules : डिजिटल दुनिया में कैशबैक मिलना एक आम और पसंदीदा तरीका बन चुका है। ऑनलाइन शॉपिंग, बिल भुगतान या मोबाइल रिचार्ज पर मिलने वाला कैशबैक अक्सर बचत जैसा लगता है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि अब आयकर विभाग भी ऐसे कैशबैक ट्रांजैक्शन पर ध्यान दे रहा है?

खासकर अगर आपको बड़ी रकम का कैशबैक मिलता है और आपने उसे आयकर रिटर्न में शामिल नहीं किया, तो आपको नोटिस मिल सकता है।

कैशबैक को कब माना जाएगा टैक्सेबल इनकम?

टैक्स नियमों के अनुसार, कैशबैक को कभी-कभी “अन्य स्रोत से आय” के तौर पर गिना जा सकता है, खासकर जब वह राशि बड़ी हो।

उदाहरण के लिए, यदि आप अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट टिकट, लग्जरी होटल, या महंगे गैजेट्स पर कैशबैक पाते हैं, तो इसे आयकर दायरे में रखा जा सकता है।

इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति बार-बार बड़ी रकम के लेन-देन करता है केवल कैशबैक पाने के लिए, तो विभाग उसे संदिग्ध मान सकता है।

लगातार मोटी रकम का कैशबैक आपके खाते में आना भी संदेह पैदा कर सकता है।

एक असली कहानी से सीखें

मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2016 में रोहित सिंह नाम के एक व्यक्ति को ₹2,500 के कैशबैक पर आयकर विभाग से नोटिस मिला था।

रोहित ने इस राशि को टैक्सेबल आय में नहीं दिखाया था, इसलिए विभाग ने इसे “अन्य स्रोत से आय” मानते हुए नोटिस भेजा।

इस घटना से यह साफ होता है कि छोटी-सी अनदेखी भी बड़े झमेले में बदल सकती है।

टैक्स नोटिस से कैसे बचें?

सबसे जरूरी बात है हर कैशबैक और कैश ट्रांजैक्शन का सही रिकॉर्ड रखना। यदि आपको बड़ी रकम का कैशबैक मिला है, तो उसे अपनी आयकर रिटर्न में शामिल करें।

समय पर रिटर्न फाइल करना और बार-बार बड़ी रकम कैश के रूप में जमा करने से बचना भी जरूरी है। ये सावधानियां आपको किसी भी अनचाही नोटिस से दूर रख सकती हैं।

क्या छोटे कैशबैक पर भी टैक्स लगेगा?

छोटी-छोटी राशियों जैसे ₹50, ₹100 या ₹500 के कैशबैक आमतौर पर टैक्स योग्य नहीं माने जाते। ये सामान्य तौर पर खरीदारी या डिजिटल भुगतान पर मिलने वाले प्रोत्साहन की तरह होते हैं।

लेकिन यदि आपको बार-बार और बड़ी रकम का कैशबैक मिलता है, तो उस पर नजर रखना आवश्यक है क्योंकि वह आपकी कुल आय का हिस्सा माना जा सकता है।

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