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Uttarakhand Exclusive : धर्मांतरण प्रकरण में आंतकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, आरोपी अयान जावेद का हुआ पर्दाफाश

By Rajat Sharma

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Uttarakhand Exclusive : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस ने धर्मांतरण के एक बड़े मामले में सनसनीखेज खुलासा किया है। देहरादून पुलिस की तेज-तर्रार जांच में धर्मांतरण के प्रयास में शामिल एक आरोपी का कनेक्शन आतंकी संगठन HUT (हिज्ब-उत-तहरीर) से सामने आया है।

इस मामले में मुख्य आरोपी अयान जावेद की शिनाख्त हुई, जो पहले झारखंड एटीएस द्वारा अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है। यह खुलासा देहरादून पुलिस की सजगता और त्वरित कार्रवाई का नतीजा है।

आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश

पुलिस की जांच में पता चला कि अयान जावेद HUT नामक आतंकी संगठन का सक्रिय सदस्य है। वह न केवल धर्मांतरण के लिए युवतियों को उकसाने में शामिल था, बल्कि देश विरोधी गतिविधियों में भी लिप्त था। झारखंड एटीएस ने उसे अवैध हथियारों के साथ पकड़ा था और वर्तमान में वह रांची की सेंट्रल जेल में बंद है। देहरादून पुलिस जल्द ही उसे वारंट-बी पर लाकर पूछताछ करेगी। इस मामले में पीड़ित युवतियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने जांच को और गहरा किया, जिससे आतंकी कनेक्शन का खुलासा हुआ।

आगरा कनेक्शन और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी

धर्मांतरण के इस मामले में आगरा पुलिस ने भी छह अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ माननीय न्यायालय से वारंट-बी जारी करवाया गया है। पीड़िताओं ने इन सभी की शिनाख्त की, जिसके बाद पुलिस ने संगठित अपराध, लोगों को उकसाने और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में मामला दर्ज किया। आरोपियों में अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल सिंह, एस.बी. कृष्णा उर्फ आयशा माहेनूर, अब्दुर्रहमान उर्फ रूपेंद्र सिंह, अबु तालिब, अब्दुल रहीम और अब्दुल्ला शामिल हैं। ये सभी आगरा पुलिस की हिरासत में हैं और जल्द ही इनसे पूछताछ की जाएगी।

सुलेमान का दुबई कनेक्शन

मामले में एक अन्य आरोपी सुलेमान के बारे में पता चला कि वह मूल रूप से देहरादून का रहने वाला है, लेकिन वर्तमान में दुबई में छिपा हुआ है। पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने के लिए गृह मंत्रालय से संपर्क किया है। पीड़िताओं से पूछताछ में सुलेमान सहित अन्य संदिग्धों के नाम भी सामने आए, जिनकी तलाश जारी है।

पीड़िताओं को बचाने में पुलिस की भूमिका

देहरादून पुलिस ने समय रहते पीड़ित युवतियों की काउंसलिंग की, जिससे उन्हें और अन्य युवतियों को आतंकी चंगुल में फंसने से बचाया गया। पुलिस ने पीड़िताओं के बयानों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया।

देहरादून के रानीपोखरी और प्रेमनगर थानों में उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 के तहत दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। इनकी जांच के लिए एसएसपी देहरादून ने विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है, जो इस मामले को और गहराई से खंगाल रहा है।

सोशल मीडिया से फैलाया जा रहा था जाल

झारखंड एटीएस से मिली जानकारी के अनुसार, अयान जावेद और उसके साथी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से युवाओं को गुमराह कर रहे थे। वे न केवल धर्मांतरण के लिए उकसा रहे थे, बल्कि देश विरोधी गतिविधियों में भी शामिल थे। देहरादून पुलिस की सतर्कता ने इस साजिश को समय रहते बेनकाब कर दिया।

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