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देहरादून : जलापूर्ति ठप होने पर बंजारावाला में उबाल, पार्षद रुचि रावत के नेतृत्व में प्रदर्शन

By Rajat Sharma

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दून के बंजारावाला में पेयजल संकट पर फूटा गुस्सा, जल संस्थान का घेराव

  • बंजारावाला वार्ड 84 में पानी के लिए आर-पार की लड़ाई, अधिकारियों को घेरा

  • बंजारावाला में पानी की किल्लत पर प्रशासनिक कार्रवाई, UUSDA और जल संस्थान तलब

देहरादून (रिपोर्ट : रजत शर्मा)। देहरादून के वार्ड 84 बंजारावाला में लंबे समय से चली आ रही पेयजल किल्लत आखिरकार जनआंदोलन में बदल गई। बुधवार को स्थानीय पार्षद रुचि रावत और स्थानीय नेता जोगेन्द्र रावत के नेतृत्व में सैकड़ों क्षेत्रवासियों ने जल संस्थान के कार्यालय का घेराव किया। जनता के तीखे तेवर और मजबूत एकजुटता को देखते हुए महकमे में हड़कंप मच गया, जिसके बाद अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभालना पड़ा।

प्रदर्शन के दौरान क्षेत्रवासियों ने पानी की बूंद-बूंद के लिए हो रही परेशानी को खुलकर सामने रखा। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए UUSDA के उप कार्यक्रम निदेशक संजय तिवारी, जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता राजीव सैनी, अधिशासी अभियंता बी.एस. डोगरा, UUSDA के प्रोजेक्ट मैनेजर जतिन सैनी और जल निगम के सहायक अभियंता चन्द्रशेखर कंडवाल समेत कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों और पार्षद के साथ विस्तार से वार्ता की और सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से वार्ड में स्वच्छ और नियमित पेयजल न मिलने के कारण रोजमर्रा का जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका था। कई बार मौखिक शिकायतें करने के बावजूद विभागीय स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था, जिससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इस घेराव के दौरान VPRPL कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर संजीव प्रधान और अन्य सहायक अभियंता अमित शर्मा व जगदीश पंवार भी मौजूद रहे, जिन्हें जनता के कड़े सवालों का सामना करना पड़ा।

मैराथन वार्ता के बाद अधिकारियों ने क्षेत्र में जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था को पूरी तरह सुचारु करने का ठोस आश्वासन दिया है। वहीं, पार्षद रुचि रावत ने दोटूक कहा है कि यह संघर्ष तब तक थमेगा नहीं जब तक वार्ड के हर घर तक नियमित और स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो जाती। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद फिलहाल आंदोलन को रोक दिया गया है, लेकिन स्थानीय जनता पैनी नजर बनाए हुए है।

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