देहरादून पलटन बाजार समेत शहर भर के ज्वैलर्स सावधान, स्टाफ का शत-प्रतिशत सत्यापन अनिवार्य
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त्योहारी सीजन को लेकर दून पुलिस अलर्ट मोड पर, एसएसपी के निर्देश के बाद ज्वैलर्स के साथ अहम बैठक
देहरादून। नवरात्र, धनतेरस और दिवाली के आगामी त्यौहारी सीजन में सर्राफा बाजारों में उमड़ने वाली भीड़ और संभावित आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए दून पुलिस पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशों के बाद पुलिस अधीक्षक नगर ने पुलिस कार्यालय में ‘ज्वैलर्स एसोसिएशन देहरादून’ के पदाधिकारियों और प्रमुख सर्राफा कारोबारियों के साथ एक महत्वपूर्ण गोष्ठी की। इस दौरान शहर के प्रमुख व्यावसायिक इलाकों—जैसे पलटन बाजार, धामावाला और राजपुर रोड—की सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई।
बैठक में एसपी सिटी ने स्पष्ट किया कि त्योहारी सीजन के दौरान करोड़ों रुपये के आभूषणों की आवाजाही और खरीद-फरोख्त होती है। ऐसे में किसी भी सुरक्षा चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने 5 सूत्रीय दिशानिर्देश जारी किए हैं।
पुलिस ने सभी प्रतिष्ठान स्वामियों को अपने-अपने शोरूम में आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाने के निर्देश दिए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए हर ज्वेलरी शॉप में पैनिक बटन (Panic Button) और लाउड सायरन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह सिस्टम सीधे नजदीकी पुलिस कंट्रोल रूम या संबंधित थाने से जोड़ा जाएगा, ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि या अनहोनी की स्थिति में त्वरित पुलिस रेस्पॉन्स मिल सके। इसके अलावा, दिन के समय निजी सुरक्षा गार्ड और रात के समय संबंधित सर्राफा मार्केट में गश्त के लिए चौकीदार नियुक्त करने की हिदायत दी गई है।
अक्सर देखा जाता है कि त्योहारों के समय दुकानों में अतिरिक्त स्टाफ रखा जाता है। पुलिस ने साफ किया है कि बिना शत-प्रतिशत पुलिस सत्यापन के किसी भी नए या पुराने कर्मचारी को काम पर न रखा जाए। दुकान मालिकों को नए कर्मचारियों की पूरी पारिवारिक पृष्ठभूमि और पिछले रिकॉर्ड की जांच करने के बाद ही नियुक्ति देने को कहा गया है। इसके साथ ही, दुकानों के अंदर और बाहर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता रोज जांचने और खराब कैमरों को तुरंत बदलने का आदेश दिया गया है।
दुकानों के कमजोर सुरक्षा बिंदुओं की पहचान के लिए पुलिस ने ज्वैलर्स को अपने प्रतिष्ठानों का पेशेवर ‘सिक्योरिटी ऑडिट’ कराने का सुझाव दिया है। इससे प्रवेश और निकास द्वारों की खामियों को समय रहते दुरुस्त किया जा सकेगा। कारोबारियों को अपने क्षेत्र के बीट कांस्टेबल और हल्का प्रभारी का मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से अपने पास रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गोष्ठी के दौरान सर्राफा एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी बाजार क्षेत्र में ट्रैफिक प्रबंधन और पुलिस गश्त बढ़ाने को लेकर अपने सुझाव रखे, जिस पर अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया।






