देश विदेश क्राइम उत्तराखंड मनोरंजन बिज़नेस ऑटो टेक्नोलॉजी खेल धर्म हेल्थ लाइफस्टाइल ई - पेपर

देहरादून : बिना वेरिफिकेशन कमरा दिया तो खैर नहीं, देहरादून पुलिस ने किराएदारों की चेकिंग कर वसूला भारी जुर्माना

By Rajat Sharma

Published on:

देहरादून में पुलिस का बड़ा एक्शन, क्लेमेंटटाउन में 12 पीजी और हॉस्टल मालिकों पर 1.20 लाख का जुर्माना

  • क्लमेंटटाउन के पीजी और हॉस्टलों में अचानक पहुंची पुलिस, फायर सेफ्टी और सत्यापन को लेकर हड़कंप

  • देहरादून के मकान मालिक ध्यान दें: बिना पुलिस वेरिफिकेशन किराएदार रखा तो कटेगा 10 हजार का चालान

देहरादून। राजधानी के शैक्षणिक केंद्र माने जाने वाले क्लेमेंटटाउन क्षेत्र में शनिवार को दून पुलिस की विशेष टीमों ने बड़े पैमाने पर सुरक्षा और सत्यापन अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र सिंह डोभाल के निर्देशों पर हुई इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया।

शनिवार को क्लेमेंटटाउन थाना पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से क्षेत्र के सभी प्रमुख हॉस्टलों, पीजी और होटलों में सरप्राइज ऑडिट किया। ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी और आसपास के बड़े शिक्षण संस्थानों के कारण इस इलाके में हजारों बाहरी छात्र और कामकाजी लोग रहते हैं। इसी सुरक्षा संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने एक-एक प्रतिष्ठान के सुरक्षा चक्र को परखा।

ऑडिट के दौरान अधिकारियों ने न केवल कमरों की स्थिति देखी, बल्कि आपातकालीन निकास, अग्निशामक यंत्रों की एक्सपायरी डेट और अलार्म सिस्टम की कार्यप्रणाली की भी प्रत्यक्ष जांच की। इस बीच कर्मचारियों को अग्निशामक सिलेंडरों को चलाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।

अभियान के दौरान पुलिस की टीमों ने कुल 178 बाहरी नागरिकों और विद्यार्थियों के पहचान पत्रों की भौतिक जांच की। चेकिंग के दौरान 12 ऐसे पीजी और हॉस्टल संचालक पकड़े गए, जिन्होंने अपने यहां रह रहे लोगों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया था। लापरवाही बरतने वाले इन सभी 12 प्रतिष्ठान स्वामियों के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस अधिनियम की धारा 83 के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए कुल 1,20,000 रुपये की चालानी राशि वसूली।

उत्तराखंड पुलिस अधिनियम की धारा 83 के तहत किसी भी भवन स्वामी या कमर्शियल एस्टेब्लिशमेंट के लिए अपने परिसर में रहने वाले बाहरी व्यक्तियों, कर्मचारियों या किरायेदारों का पुलिस सत्यापन कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है। इसका उल्लंघन करने पर प्रति व्यक्ति या प्रति मामला 10,000 रुपये तक के दंड का प्रावधान है।

थाना क्लेमेंटटाउन प्रभारी ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। जिन संस्थानों में अग्निशमन उपकरणों में खामियां मिली हैं, उन्हें कमियों को दूर करने का सीमित समय दिया गया है। यदि तय समय सीमा में अग्निशमन सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं किया गया, तो प्रतिष्ठानों को सील करने और एनओसी रद्द करने की सिफारिश की जाएगी।

Leave a Comment