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आईएसबीटी देहरादून का 27.50 करोड़ से कायाकल्प, जानें यात्रियों को क्या-क्या मिलेंगी नई सुविधाएं

By Rajat Sharma

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देहरादून बस स्टेशन बनेगा आधुनिक ट्रांजिट हब, एमडीडीए ने अंतिम चरण में पहुंचाया काम

  • अब आईएसबीटी देहरादून में मिलेगी एयरपोर्ट जैसी फील, सीनियर सिटीजन्स और दिव्यांगों के लिए खास इंतजाम

देहरादून। राजधानी देहरादून के पटेल नगर स्थित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) को हाई-टेक ट्रांजिट हब बनाने का काम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) लगभग 10 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैले इस बस अड्डे का ढांचा पूरी तरह बदलने में जुटा है। करीब 27.50 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से इस प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है, ताकि रोजाना आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के तहत इस प्रमुख परिवहन केंद्र का पुनर्विकास केवल कॉस्मेटिक बदलाव तक सीमित नहीं है। बारिश के मौसम में यात्रियों को होने वाली जलभराव की पुरानी समस्या से निजात दिलाने के लिए पूरे परिसर के ड्रेनेज सिस्टम को नए सिरे से बिछाया गया है। यह व्यवस्था भविष्य में रोजाना 2,000 से अधिक बसों के सुचारू आवागमन को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।

यात्रियों की सहूलियत: कैब बूथ से लेकर ई-चार्जिंग स्टेशन

बस अड्डे पर उतरने के बाद यात्रियों को शहर के भीतर आवाजाही में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए परिसर में विशेष ओला और उबर कैब बूथ तय किए जा रहे हैं। इसके साथ ही बढ़ते ई-वाहनों को ध्यान में रखते हुए परिसर के भीतर ईवी (EV) चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए जा रहे हैं।

यात्रियों के बैठने के लिए प्रतीक्षालय (Waiting Lounge) और विश्राम के लिए डोरमेट्री का नए सिरे से जीर्णोद्धार किया जा रहा है। पूरे प्लेटफॉर्म क्षेत्र में फर्श को बदलकर टिकाऊ पेवर ब्लॉक और आधुनिक टाइल्स बिछाई जा रही हैं। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ढलान वाले रैंप और विशेष टॉयलेट्स का निर्माण भी कराया जा रहा है।

पहाड़ी वास्तुकला और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का मेल

स्थानीय पहचान को बढ़ावा देने के इरादे से एमडीडीए ने यहां एक अनूठी पहल की है। परिसर के भीतर बनने वाली दुकानों और कियोस्क को उत्तराखंड की पारंपरिक पहाड़ी शैली का रूप दिया जा रहा है, जिससे बाहर से आने वाले पर्यटकों को पहली नजर में ही राज्य की समृद्ध संस्कृति की झलक मिल सके।

वहीं आईएसबीटी परिसर में बने मॉल और व्यावसायिक दुकानों को सक्रिय करने के लिए टेंडर प्रक्रिया तेज कर दी गई है। वर्तमान में यहाँ स्थित मल्टीप्लेक्स सिनेमा में फिल्मों का प्रदर्शन चल रहा है, जबकि नए रिटेल स्टोर्स और शॉपिंग आउटलेट्स खुलने से यह पूरा क्षेत्र एक बहुउद्देश्यीय बिजनेस हब के रूप में विकसित हो सकेगा।

‘गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं’

हाल ही में एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने निर्माण स्थल का स्थलीय जायजा लिया। उन्होंने निर्माणाधीन कार्यों की रफ्तार और इस्तेमाल हो रही सामग्री की गुणवत्ता का निरीक्षण करते हुए संबंधित ठेकेदारों व अधिकारियों को तय समयसीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए।

“आईएसबीटी केवल बसों के रुकने का स्थान नहीं, बल्कि राज्य में प्रवेश करने वाले पर्यटकों और नागरिकों के लिए उत्तराखंड का पहला प्रभाव (First Impression) है। हमारा लक्ष्य यात्रियों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और विश्वस्तरीय वातावरण प्रदान करना है।”

— बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष (MDDA)

इस कायाकल्प योजना के पूरा होने से न केवल अंतरराज्यीय यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि हरिद्वार बायपास और आढ़त बाजार मार्ग पर लगने वाले जाम से भी शहरवासियों को काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है।

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