धामी कैबिनेट के बड़े फैसले : ग्रीन सेस में छूट खत्म, राज्य में लागू होगी सहकारिता नीति 2026
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर स्वीकृति की मुहर लगाई गई। धामी कैबिनेट ने राज्य के विकास, प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सहकारिता क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से कई दूरगामी निर्णय लिए हैं।
बैठक में केंद्र सरकार की राष्ट्रीय सहकारी नीति 2025 की तर्ज पर ‘उत्तराखण्ड राज्य सहकारिता नीति, 2026’ को प्रख्यापित करने का फैसला लिया गया। इस नीति के तहत सात रणनीतिक मिशन तय किए गए हैं, जिनसे ग्रामीण और शहरी इलाकों में पारदर्शी, तकनीक-सक्षम सहकारिता ढांचा खड़ा होगा और युवाओं व महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पर्यावरण सुरक्षा और राजस्व प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उत्तराखंड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम, 2003 में बड़ा बदलाव किया है।
अब राज्य में सीएनजी और हाइब्रिड वाहनों को ग्रीन सेस में मिलने वाली छूट पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। बाजार में इन गाड़ियों की बढ़ती संख्या और उनसे राजस्व पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए इन्हें क्रमबद्ध तरीके से कराधान के दायरे में लाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही, राज्य सरकार के अधीन काम कर रहे कर्मचारियों के वेतन निर्धारण नियम, 2016 की अनुसूची-1 में संशोधन किया गया है। अब तक उत्तराखंड में लेवल-13 क के सीधे बाद लेवल-15 और 16 का प्रावधान था, जो केंद्र सरकार के ढर्रे से अलग था। इसे संशोधित करते हुए 1,44,200-2,18,200 रुपये के वेतनमान के लिए लेवल-15 की जगह लेवल-14 और 1,82,200-2,24,100 रुपये के वेतनमान के लिए लेवल-16 के स्थान पर लेवल-15 कर दिया गया है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य की क्षमता बढ़ाने के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार की 65 एकड़ जमीन में से 1 एकड़ भूमि को 99 साल की लीज पर मात्र ₹1 के सांकेतिक शुल्क पर राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) नई दिल्ली को देने पर सहमति बनी है। यहां BSL-3 स्तर की प्रयोगशाला स्थापित होगी, जिससे महामारियों की जांच और त्वरित नियंत्रण की क्षमता में अभूतपूर्व बढ़ोतरी होगी।
इसके अलावा, राज्य में औषधियों और मेडिकल उपकरणों की पारदर्शी खरीद के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के गठन और चिकित्सा स्वास्थ्य सांख्यिकीय संवर्ग सेवा नियमावली 2026 को भी हरी झंडी दी गई है।
देहरादून में रिस्पना नदी के किनारे अवैध रूप से बसी मलिन बस्तियों के पुनर्वसन के लिए काठबंगला में निर्मित 116 मकानों का आवंटन नगर निगम द्वारा चयनित लाभार्थियों को करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इसके अतिरिक्त, यूयूएसडीए (UUSDA) के संगठनात्मक ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी देते हुए 94 नए अस्थायी पदों के सृजन पर सहमति बनी है, ताकि कोटद्वार, ऋषिकेश, रुद्रपुर जैसे शहरों में पेयजल और सीवरेज परियोजनाओं का काम तेजी से निपटाया जा सके।
प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण और अन्य सुधारों की कड़ी में घाटे में चल रहे उत्तराखण्ड सीड्स एण्ड तराई डेवलपमेन्ट कारपोरेशन लि. (TDC) के 85 कर्मचारियों (तृतीय श्रेणी के 22 और चतुर्थ श्रेणी के 63) को उधमसिंह नगर व आसपास के जिलों के अन्य सरकारी विभागों में अधिकतम 10 वर्षों के लिए सेवा स्थानांतरण पर भेजा जाएगा। वहीं लोकायुक्त अध्यक्ष व सदस्यों के चयन हेतु ‘लोकायुक्त खोजबीन समिति नियमावली 2026’ को मंजूरी दी गई है। कारागार प्रशासन में उप कारापाल के 25 प्रतिशत पदोन्नति कोटे में 90 प्रतिशत पुरुष प्रधान बंदीरक्षक और 10 प्रतिशत महिला बंदीरक्षक का अनुपात तय किया गया है।
डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम के तहत ‘उत्तराखण्ड आबादी सर्वेक्षण और अभिलेख संक्रिया नियमावली, 2026’ को लागू करने का निर्णय लिया गया है, जिसके माध्यम से जीआईएस और आधुनिक तकनीक से शहरी आबादी क्षेत्रों के सटीक भू-अभिलेख तैयार किए जाएंगे।
अंत में, अंत्योदय फाउंडेशन द्वारा ऋषिकेश के वीरभद्र में कैंसर रोगियों के लिए हॉस्पिस केयर सेंटर स्थापित करने हेतु दान में मिली भूमि की गिफ्ट डीड पर स्टाम्प शुल्क में छूट प्रदान करने का मानवीय निर्णय भी मंत्रिमंडल द्वारा लिया गया है।







