विद्यालय के नए लीडर्स : माउंट ज़ायन स्कूल में भव्य इन्वेस्टिचर सेरेमनी, अभिभावक हुए भावुक
देहरादून (नीरज वशिष्ठ)। माउंट ज़ायन स्कूल के प्रांगण में आज भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं की एक नई खेप तैयार हुई। विद्यालय में आयोजित ‘इन्वेस्टिचर सेरेमनी’ के दौरान कक्षा 8 के होनहार विद्यार्थियों को औपचारिक रूप से छात्र परिषद की जिम्मेदारियां सौंपी गईं। पूरा परिसर गर्व और अनुशासन के माहौल में सराबोर नजर आया।
समारोह का आगाज सुश्री अंकिता सोनकर के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों और शिक्षकों का अभिनंदन करते हुए इस आयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके तुरंत बाद रेवरेण्ड जे. पी. सिंह ने प्रार्थना सभा का नेतृत्व किया, जिसमें ‘लॉर्ड्स प्रेयर’ के जरिए ईश्वर का आशीष मांगा गया।
नवनियुक्त छात्र परिषद ने जैसे ही अपने पद और कर्तव्यों की शपथ ली, तालियों की गड़गड़ाहट से हॉल गूंज उठा। शपथ ग्रहण के बाद विद्यार्थियों ने शानदार मार्च पास्ट पेश किया। छात्रों के बीच गजब का तालमेल और आत्मविश्वास उनके कठिन परिश्रम की गवाही दे रहा था।
विद्यालय के चारों सदनों (Houses) के नवनियुक्त कैप्टनों ने अपने आदर्श वाक्यों के साथ जिम्मेदारी स्वीकार की। ब्लू हाउस (ट्रस्ट हाउस) की कमान अनुप्रिया को दी गई, जिनका आदर्श वाक्य ‘मैं परमेश्वर पर विश्वास रखता हूँ; मैं भयभीत नहीं होऊँगा’ है। ग्रीन हाउस (पीस हाउस) के कैप्टन पवन ने ‘बुराई से दूर रहो, भलाई करो, शांति को खोजो और उसका अनुसरण करो’ के संकल्प के साथ पदभार संभाला।
रेड हाउस (स्ट्रेंथ हाउस) की जिम्मेदारी स्वास्तिका को सौंपी गई, जिन्होंने ‘प्रभु का आनंद ही तुम्हारी शक्ति है’ का नारा बुलंद किया। वहीं, येलो हाउस (होप हाउस) के कैप्टन अंश ने ‘हे प्रभु में आशा रखने वालों, दृढ़ और साहसी बनो’ के मंत्र के साथ अपना कर्तव्य पथ चुना।
समारोह का सबसे भावुक क्षण वह था जब अभिभावकों और हाउस मास्टर्स ने अपने हाथों से बच्चों को बैज और सैश पहनाए। अपने बच्चों को नेतृत्व की भूमिका में देखकर कई माता-पिता की आंखें नम हो गईं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने इस गरिमामय आयोजन में ऊर्जा भर दी। जूनियर स्कूल के छोटे बच्चों ने ‘God Made Me’ गीत पर मनमोहक नृत्य किया।
सीनियर कॉयर ने ‘Top of the World’ गीत की मधुर प्रस्तुति से सबका दिल जीत लिया। इसके अलावा सीनियर छात्रों ने ‘Focus’ थीम पर आधारित एक विशेष कोरियोग्राफी पेश की, जो जीवन में एकाग्रता के महत्व को दर्शाती थी।
प्रधानाचार्या श्रीमती सोनिया पॉल ने अपने संबोधन में नेतृत्व के असली मायने समझाए। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि अनुशासन को जीवन की पहली प्राथमिकता बनाएं और अपने पद के साथ-साथ विद्यालय के गौरव के प्रति हमेशा समर्पित रहें।
श्रीमती पॉल ने कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि श्री ब्रजेश पॉल, रेवरेण्ड जे. पी. सिंह, बोर्ड सदस्यों और श्रीमती ज्ञान का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी अभिभावकों को उनके निरंतर सहयोग और बच्चों का उत्साहवर्धन करने के लिए धन्यवाद दिया। राष्ट्रगान के साथ इस भव्य कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।






