बाबा केदार के दरबार में राज्यपाल: बिना दर्शन रोके आम यात्री की तरह की पूजा, स्वच्छता पर दिया बड़ा संदेश
केदारनाथ : उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने शनिवार को बाबा केदार के दरबार में हाजिरी लगाई। उन्होंने गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना कर विश्व शांति और उत्तराखंड की समृद्धि की कामना की। राज्यपाल का यह दौरा केवल धार्मिक नहीं था, बल्कि उन्होंने खुद ग्राउंड जीरो पर उतरकर यात्रा व्यवस्थाओं की बारीकी से पड़ताल की।
खास बात यह रही कि राज्यपाल के आगमन के दौरान आम श्रद्धालुओं की लाइन को एक पल के लिए भी नहीं रोका गया। वीआईपी कल्चर से दूर राज्यपाल ने प्रोटोकॉल को सीमित रखा ताकि दूर-दूर से आए भक्तों को दर्शन में कोई बाधा न आए। उनके इस कदम की तीर्थयात्रियों और जिला प्रशासन ने जमकर सराहना की।
मंदिर परिसर में राज्यपाल ने विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने यात्रियों से पूछा कि उन्हें रास्ते में कोई दिक्कत तो नहीं हुई और स्वास्थ्य सेवाएं कैसी मिल रही हैं। यात्रियों ने प्रशासन की दर्शन व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर संतोष जताया। राज्यपाल ने कहा कि चारधाम यात्रा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सेवा और आस्था का महापर्व है।
राज्यपाल ने केदारपुरी में चल रहे मास्टर प्लान के दूसरे चरण के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय सीमा का पूरा ध्यान रखा जाए। बता दें कि केदारनाथ पुनर्निर्माण के दूसरे चरण के तहत 21 प्रमुख प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनमें से 17 महत्वपूर्ण कार्य पूरे हो चुके हैं। शेष 4 प्रोजेक्ट्स को इसी साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है, जिन्हें ONGC, IOCL और NTPC जैसी बड़ी कंपनियों के CSR फंड से तैयार किया जा रहा है।
इस दौरान राज्यपाल ने एक बड़ा आर्थिक संदेश भी दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपनी यात्रा के दौरान उत्तराखंड के स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प और स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाई गई वस्तुएं जरूर खरीदें। उन्होंने कहा कि इससे पहाड़ की आर्थिकी मजबूत होगी और छोटे व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
स्वच्छता को लेकर राज्यपाल का रुख बेहद कड़ा दिखा। उन्होंने ‘साधना और स्वच्छता’ को एक सिक्के के दो पहलू बताते हुए कहा कि केदारघाटी की पवित्रता बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि कूड़ा प्रबंधन और रास्तों की सफाई में कोई कोताही न बरती जाए।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने राज्यपाल को जानकारी दी कि यात्रा के शुरुआती दिनों में ही रिकॉर्ड तोड़ भीड़ उमड़ी है। साल 2026 की यात्रा के पहले चार दिनों में ही 1.24 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस बार प्रशासन ने टोकन सिस्टम लागू किया है, जिससे मंदिर के बाहर लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिली है।
मंदिर समिति और तीर्थ पुरोहितों ने राज्यपाल का पारंपरिक मंत्रोच्चारण के साथ स्वागत किया। केदार सभा के पदाधिकारियों से मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने कहा कि यहां का कण-कण शिवमय है। उन्होंने पुलिस, एसडीआरएफ और मंदिर समिति के कर्मचारियों की पीठ थपथपाते हुए उन्हें ‘अतिथि देवो भव’ की भावना के साथ काम जारी रखने को कहा। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर और यात्रा मजिस्ट्रेट कृष्णा त्रिपाठी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






