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बड़ी खबर : महिला पत्रकार के बाद अब पत्रकार संगठन के महासचिव से बदसलूकी, दून अस्पताल की इमरजेंसी में भारी तनाव

By Rajat Sharma

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राजधानी : दून अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों की गुंडागर्दी, पत्रकार संगठन के महासचिव से की धक्कामुक्की

देहरादून (ब्यूरो)। राजधानी के सबसे बड़े दून अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों की बेलगाम गुंडागर्दी थमने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार रात अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर ऑल इंडिया स्मॉल न्यूजपेपर्स एसोसिएशन के महासचिव पत्रकार सोमपाल सिंह के साथ हुई बदसलूकी ने आग में घी डालने का काम किया है।

महिला पत्रकार मीना नेगी के साथ मोबाइल लूट और अभद्रता का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि इस नई घटना ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमपाल सिंह शनिवार देर रात अपने एक पत्रकार साथी की बीमार पत्नी की मदद के लिए अस्पताल पहुंचे थे।

जैसे ही उन्होंने परिसर में अपनी स्कूटी खड़ी की, वहां तैनात दो सुरक्षा गार्डों ने बिना किसी ठोस वजह के उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। सोमपाल सिंह ने जब इस व्यवहार का विरोध किया, तो गार्ड्स हाथापाई और धक्का-मुक्की पर उतारू हो गए।

पीड़ित पत्रकार का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी किसी संदिग्ध नशे की हालत में नजर आ रहे थे और उनका व्यवहार पूरी तरह हिंसक था। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया है, जिसमें सुरक्षाकर्मियों की बदतमीजी साफ दिखाई दे रही है।

सोमपाल सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन अस्पताल की प्राचार्य डॉ. गीता जैन को अवगत कराया। संयोगवश उस समय स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल अस्पताल में समीक्षा बैठक के लिए मौजूद थे, जिनसे मिलकर पत्रकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की लिखित मांग उठाई है।

अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (MS) डॉ.आर.एस.बिष्ट ने इस बवाल के बाद डैमेज कंट्रोल की कोशिशें शुरू कर दी हैं। उन्होंने इमरजेंसी प्रभारी से विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए पूरे मामले की जांच के आदेश जारी किए हैं।

अस्पताल के भीतर चल रही गुटबाजी और आए दिन होने वाली इन घटनाओं से दून अस्पताल की साख लगातार गिर रही है। पत्रकारों के विभिन्न संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी गार्डों को तुरंत सेवा से बर्खास्त नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

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